लखनऊ। किस स्थान पर कितने कैमरे हैं...वो कैमरे किनके घर पर हैं...और सर्किल में कितने अपराधी हैं...अब इसकी जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी। एसीपी गोसाईंगंज आईपीएस ऋषभ रूणवाल ने अपने सर्किल में इसकी गूगल मैपिंग की है।
दरअसल जब कोई आपराधिक घटना होती है तो पुलिस सबसे पहले घटनास्थल के पास और आसपास के रूट पर लगे कैमरों की तलाश शुरू करती है। एसीपी की इस कवायद से इसकी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। दफ्तर में बैठकर ही पता चल जाएगा कि रूट पर कितने कैमरे हैं और किन घरों में लगे हैं। जिनके घरों में कैमरे लगे हैं, उनके नाम और मोबाइल नंबर भी पुलिस के पास हैं। ऐसे में पुलिस तत्काल उनसे संपर्क कर फुटेज जुटा सकेगी। एसीपी की टीम ने एक-एक कैमरे की दिशा भी ठीक कराई है।
एसीपी ने बताया कि मैपिंग में क्राइम स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। किन स्थानों पर कौन सी घटनाएं अधिक हुई हैं उस आधार पर स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
जुटाया 20 वर्ष के अपराध का रिकॉर्ड
पुलिस ने बीते 20 वर्ष में सर्किल में हुई सभी तरह की आपराधिक घटनाओं का ब्योरा जुटा लिया है। इसमें नकबजनी, लूट, डकैती, हत्या, चोरी जैसी सभी घटनाएं हैं। जिन स्थानों पर घटनाएं ज्यादा संख्या में हुई हैं, वहां पुलिस गश्त बढ़ाते हुए पिकेट और पॉलीगाॅन की तैनाती की गई है।
हर सर्किल में जरूरत
ऋषभ रूणवाल जब बीकेटी सर्किल में थे तो वहां भी ये डाटा तैयार किया था। कमिश्नरेट के प्रत्येक सर्किल में ये व्यवस्था हो जाए तो पुलिस को वारदातों का खुलासा करने में काफी मदद मिलेगी।