बाराबंकी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस प्रकरण में फरार चल रहे इनामी गुर्गा आनंद यादव को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस पर मऊ जिले की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय को धमकाने व हस्ताक्षर कराने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। आनंद ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि एंबुलेंस में मुख्तार के साथ अवैध हथियार भी रखे जाते थे।
एसपी ने बताया कि आनंद से पूछताछ में पता लगा है कि एंबुलेंस में मुख्तार के साथ अवैध शस्त्र भी रखे जाते थे। बताया जाता है कि मुख्तार यह अपनी सुरक्षा के लिए निजी व्यवस्था करता था। इस आरोपी के पकड़े जाने से एंबुलेंस चालक और इसे रखने वाले लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
एसपी ने बताया कि एंबुलेंस चालक और इसे रखने वालों सहित अन्य लोगों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा। जबकि इस मामले में फरार दो इनामी आरोपी मुजाहिद और शाहिद की तलाश की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस का बाराबंकी में वर्ष 2013 में फर्जी दस्तावेज पर पंजीकृत कराने के मामले में दर्ज मुकदमे में वांछित मऊ जिले के निवासी आनंद यादव को इंस्पेक्टर एमपी सिंह, कोतवाल पंकज सिंह और एसआइ मार्कंडेय सिंह ने टीम के साथ बुधवार सुबह वादीनगर गांव के पास हाईवे से गिरफ्तार किया।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि आनंद विधायक प्रतिनिधि मो. शोएब मुजाहिद के साथ डॉ. अलका राय के पास गया था और मो. जाफरी उर्फ शाहिद से उसकी फोन पर बात कराई थी कि उसे मीडिया से क्या बोलना है। आरोप है कि डॉ. अलका राय को डराकर मीडिया से यह बोलने को कहा था कि मुख्तार की पत्नी की तबियत खराब थी इसलिए एंबुलेंस लेकर वह लोग पंजाब गए थे। यही नहीं उन्हें एक ऑडियो भी सुनाई गई थी।