लखनऊ। मानसिक रूप से कमजोर दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रविवार रात दोनों मुख्य आरोपियों आजमगढ़ के संदीप और उसके साथी गोसाईंगंज के मायाराम की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में संदीप के दाहिने पैर में गोली लगी। मायाराम को मौके से गिरफ्तार किया गया।
वहीं, इस मामले में दो चौकी इंचार्ज पर गाज गिरी थी, पर मोहनलालगंज इंस्पेक्टर को बख्श दिया गया। अब जांच की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही रविवार को मोहनलालगंज पुलिस की लापरवाही भी साबित हो गई जब केस को गोसाईंगंज से मोहनलालगंज ट्रांसफर कर दिया गया।
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की छह टीमें वारदात के दोनों मुख्य आरोपियों संदीप व मायाराम की तलाश में लगी थीं। रात करीब 11 बजे दोनों के कुबहरा जंगल के पास मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची तो दोनों आरोपी बाइक से भागने लगे। घेराबंदी होने पर संदीप ने फायरिंग की दी। जवाब में पुलिस ने गोली चलाई जो संदीप के दाहिने पैर में लगी। दोनों बाइक से गिरे और उन्हें पकड़ लिया।
संदीप को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से तमंचा, कारतूस और खोखा मिला है। आरोपी संदीप टाइल्स कारीगर है ओर मायाराम पुट्टी का काम करता है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि 15 दिन से युवती के घर के पास काम कर रहे थे। 14 मार्च को युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले में चौकीदार रामफेर व उसके बेटे शंकर पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था। पुलिस ने रामफेर व शंकर को हिरासत में लिया था।
पीड़ित को मोहनलालगंज थाने से 16 किलोमीटर दूर गोसाईंगंज थाने भेजा गया
मामले में शुरू से ही मोहनलालगंज पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। तहसील दिवस पर शिकायत के बाद केस दर्ज नहीं किया। सूत्रों की मानें तो तहसील दिवस में प्रकरण दर्ज होते ही मोहनलालगंज कोतवाली से पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और प्रार्थना पत्र की फोटो खींचकर लौट गए। सीमा विवाद के चलते पीड़ित को केस दर्ज कराने के लिए 16 किलोमीटर दूर गोसाईंगंज थाने भेज दिया गया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो डीसीपी ने लापरवाही बरतने पर मोहनलालगंज की खुजौली चौकी के इंचार्ज अर्जुन सिंह और गोसाईंगंज के जेल चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। पर इंस्पेक्टर मोहनलालगंज के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल का तर्क है कि पुलिस की लापरवाही को लेकर एडीसीपी साउथ अमित कुमावत को जांच दी गई है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एससी, एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई गई
गोसाईंगंज पुलिस के अनुसार पीड़िता, वादी और चश्मदीद गवाह के बयान से पता चला घटना मोहनलालगंज इलाके में हुई थी। रविवार को डीसीपी निपुण अग्रवाल ने मुकदमा मोहनलालगंज थाने ट्रांसफर कर दिया। साथ ही केस में एससी, एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई गई और विवेचना एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा को सौंपी गई है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।