लखनऊ। ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगल पर मौसम में उमस जरूर रही, लेकिन हनुमान भक्तों पर इसका कोई असर नहीं दिखा। को नहीं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो... की गूंज न सिर्फ मंदिरों, बल्कि सड़क, गली-मोहल्ले में भी सुनाई देती रही। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ के साथ ही भजनों की प्रस्तुति के दौरान भक्तों का उत्साह चरम पर रहा। जगह-जगह लगे भंडारों में भक्तों की खूब भीड़ देखी गई। शाम को मंदिराें में भजन-कीर्तन से माहौल हनुमत रंग में रंगा नजर आया।
अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर व नए हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, प्राचीन लेटे हुए हनुमान मंदिर और हनुमत धाम समेत सभी मंदिरों में बड़े मंगल पर विधि-विधान से पूजन-आरती और भोग के बाद भक्तों को प्रसाद बांटा गया। भंडारों में कहीं पूड़ी-सब्जी तो कहीं छोला-चावल, आइसक्रीम, छाछ, दही बड़ा, पकौड़ी, शर्बत, कढ़ी-चावल, बूंदी, रसगुल्ला आदि का वितरण प्रसाद के रूप में किया गया।
11 प्रकार के अनाज से बजरंग बली का शृंगार
तीसरे बड़े मंगलवार पर लेटे हुए हनुमान मंदिर में गेहूं, जौ, चना, पांच मेल की दाल, बाजरा, चावल और धान समेत कुल 11 प्रकार के अनाज से बजरंग बली का शृंगार किया गया। भोग छप्पन मेल का मिष्ठान, गुड़ की खीर और 21 किलो का लड्डू चढ़ाया गया। भंडारे में समोसा, छोला, खस्ता और इमरती बांटी गई। साथ में ठंडे केवड़े के जल के साथ शरबत और आम के पने का भी वितरण हुआ। शाम को बच्चों को टॉफी और आइसक्रीम बांटी गई। मुख्य सेवादास डॉ. विवेक तांगड़ी ने रात में हनुमान जी की आरती उतारी।
श्रद्धापूर्वक मनाई गई शनि जयंती
शनि जयंती के उपलक्ष्य में शाम को शनि मंदिरों में विधि-विधान से पूजन कर आरती की गई। उन्हें काले उड़द, काले तिल, सरसों के तेल के साथ ही काले वस्त्र अर्पित किए गए। लेटे हुए हनुमान मंदिर में शनि जयंती के अवसर पर काले उड़द की खिचड़ी का भोग लगाकर शनि देव का शृंगार किया गया। नरही स्थित हनुमान मंदिर में बजरंग बली के पूजन के साथ ही शनिदेव का भी पूजन कर उन्हें भोग लगाया गया।