राजधानी का बाजार मंगलवार को होली के रंग से सराबोर नजर आया। मंगलवार व बीते सोमवार को हजरतगंज, अमीनाबाद, चौक, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट, पत्रकारपुरम, गोमतीनगर जैसे बाजारों में खूब खरीदार उमड़े। शोरूम, मॉल यहां तक की फुटपाथ पर लगी दुकानों में जबर्दस्त भीड़ थी।
आलम यह था कि घंटों लाइन में लगने रहने के बाद लोगों को जरूरत का सामान मिल सका। कारोबारियों का अनुमान है कि इस बार होली पर दो दिन में 150 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। इसमें 40 करोड़ रुपये से अधिक की तो साड़ियां और मेकअप के सामान बिके, जबकि 30 करोड़ रुपये के ड्राई फ्रूट का कारोबार हुआ।
अमीनाबाद के कारोबारी विनोद अग्रवाल के मुताबिक, ब्रांडेड परफ्यूम, डिओ और फेस वॉश की खूब बिक्री हुई। श्रृंगार की वस्तुएं भी बिकीं। कपूरथला के कपड़ा कारोबारी के मुताबिक, पिछले एक पखवारे से होली पर रंग-बिरंगे पर्दे व चादर खूब बिक रहे हैं। अब तक 10 करोड़ रुपये के सजावटी कपड़े बिक चुके हैं। अमीनाबाद, गणेशगंज व भूतनाथ मार्केट के कारोबारियों ने बताया कि होली पर 10-10 हजार रुपये कीमत की साड़ियां खूब बिकीं।
15 करोड़ के रेडीमेड बिके
भूतनाथ मार्केट के कारोबारी देवेंद्र गुप्ता व सहारागंज के कारोबारी मोहम्मद अफजल के मुताबिक, शहरवासी 15 करोड़ रुपये के रेडीमेड खरीद कर घर ले गए।
30 करोड़ रुपये के मेवे खरीदे गए
ड्राई फ्रूट की सबसे बड़ी थोक बाजार सुभाष मार्ग पर तीन दिनों से व्यापक स्तर पर ड्राई फ्रूट की बिक्री हुई। शहर व आसपास के जिलों से 30 करोड़ रुपये के ड्राई फ्रूट खरीदे जा चुके हैं।
पनीर का स्टॉक खत्म
होली पर पनीर एवं मटर की सब्जी का चलन होने के कारण दोनों की खपत बहुत बढ़ चुकी है। 270 से 290 रुपये प्रति किलो बिकने वाले पनीर का मंगलवार शाम को कई जगहों पर स्टॉक खत्म हो गया। होली तक करीब 10 करोड़ रुपये का पनीर व मटर के बिकने की उम्मीद है।
15 करोड़ का बिका रंग - गुलाल
इस बार होली पर शहर में 15 करोड़ रुपये के रंग व गुलाल खरीदे गए। थोक कारोबारियों के मुताबिक 10 करोड़ रुपये का रंग व गुलाल और पांच करोड़ रुपये की पिचकारी खुदरा दुकानदार खरीद कर ले गए हैं। रंग-गुलाल एवं पिचकारी की मंगलवार से बंपर सेल चल रही है।
लकड़ी के लिए मारामारी
लकड़ी कारोबारियों के अनुसार, होलिका दहन में इस बार पांच करोड़ रुपये से अधिक की लकड़ी बिकेगी। इसके लिए एक विशेष तरह की लकड़ी मुज्झढ़ (जड़) का इस्तेमाल किया जाता है। ऐशबाग के कारोबारी अंसारी टिंबर के अबरार के मुताबिक, यह लकड़ी 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल बिकती है।
दस करोड़ का खोवा बिक चुका
होली के चलते रोजाना एक करोड़ रुपये का खोया बिक रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, बीते दस दिन से अब तक 10 करोड़ रुपये का खोया बिक चुका है। रकाबगंज, आर्यनगर खोया मंडी के कारोबारियों ने बताया कि खोया मंडियों के अतिरिक्त मिष्ठान दुकानों व पराग काउंटर पर भी बिक रहा है। इस बार पराग ने 40 टन खोया बेचने का लक्ष्य तय किया है।
कारोबार रुपये (करोड़ में)
साड़ी, 40
ड्राई फ्रूट 30
पनीर, गुझिया 20
पिचकारी, रंग-गुलाल 15
रेडीमेड 15
सजावटी कपड़े 10
लकड़ी 10
फर्नीचर 5
मेकअप का सामान 5
कुल 150 करोड़