लखनऊ। ऑन ड्यूटी, आवश्यक वस्तु आपूर्ति व अन्य इसी तरह के पोस्टर लगाकर सड़कों पर फर्राटे भरने वाले वाहन चालकों की खैर नहीं है। लॉक डाउन 3 मई तक जारी है। ऐसे मे पुलिस ने भी सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार से सड़कों पर बिना पास के वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। हर बैरिकेटिंग पर पुलिस इस नए आदेश का सख्ती से पालन कराएगी। यह आदेश बुधवार देर शाम को पुलिस उपायुक्त यातायात चारू निगम ने जारी किया है। डीसीपी यातायात चारू निगम के मुताबिक लॉक डाउन के दौरान सिर्फ 17 श्रेणी के वाहनों को ही सड़क पर चलने की अनुमति दी गई है। इसमें लाल पास धारक आवश्यक वस्तु की आपूर्ति में लगे, एलपीजी, पेट्रोल पंप, सीएनजी, विद्युत वितरण, डाक सेवाएं, नगर निकाय, दूर संचार, इंटरनेट, किराना दुकान, सस्ता गल्ला, फल व सब्जी (मंडी व फुटकर), होम डिलेवरी, परिवहन में लगे वाहन, मालवाहन, दूध उत्पादन वितरण व बिक्री को अनुमति है। लेकिन पुलिस इन वाहनों की जांच करती है। उस वक्त कर्मचारियों के अलावा कोई भी सवारी बैठी मिलेगी तो वाहन को तत्काल सीज कर दिया जाएगा। पुलिस इस आदेश पर सख्ती 25 अप्रैल से करेगी। डीसीपी यातायात के मुताबिक कोविड-19 से सीधे जुड़े चिकित्सालय व संस्थाओं के डॉक्टर, पैरामेडिकल व अन्य कर्मचारी, केमिस्ट, फार्मेसिज, जनऔषधि केंद्र मेेडिकल उपकरण, फार्मास्युटिकल, मेडिकल रिसर्च लैब, पशु चिकित्साल अस्पताल, क्लीनिक पैथालॉजी लैब, अस्पताल को आपूर्ति करने वाली फर्म, चिकित्सीय सामाग्री का उत्पादन डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल के कर्मचारी व वाहन को अनुमति है। वह भी कर्मचारी सुबह 9.30 बजे केपहले और 6 बजे के बाद ही आवागमन कर सकते हैं। वहीं हरा पास धारक वाहनों को 24 घंटे की छूट दी गई है। इसके अलावा सरकारी नंबर की गाड़ियों को बिना पास के भ्रमण की अनुमति है। मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, पुलिस के विभिन्न कार्यालय के कर्मचारियों को परिचय पत्र व वर्दी पर दिन भर सरकारी काम करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा वित्तीय क्षेत्र व वाणिज्यिक, आरबीआई, भुगमान प्रणाली बैंक शाखाएं, आईटी व आईटी संबंधी सेवाएं, कोरियर सर्विस को पास जारी किया गया है। सामजिक क्षेत्र, बच्चों, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, निराश्रितों, महिला गृहों का संचालन व एनजीओ, सुरक्षा दलों, निजी सुरक्षा एजेंसियों व होमगार्ड को पास व निर्धारित वर्दी, परिचय पत्र व नेम प्लेट पर छूट दी गई है। मीडिया को पास व परिचय पत्र पर छूट प्रदान की गई है। इमरजेंसी सेवा में नहीं लगेगा पास डीसीपी चारू निगम के मुताबिक किसी भी आकस्मिक जरूरत पर किसी भी पास की आवश्यकता नहीं है। इसमें चिकित्सकीय इमरजेंसी, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांगजन के आकस्मिक सेवाआें, अन्य गंभीर आकस्मिक परिस्थितियों में जैसे निधन आदि, कृषि संबंधी कार्य, खरीद एजेंसी, मंडी संचालन, कोआपरेटिव सोसाइटी, कृषि फसल की कटाई, बुवाई, मतस्य पालन, पुशपालन, पशु चारा, फर्टिलाइजर खाद्य सामाग्री को इस श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए किसी पास की जरूरत नहीं है। इसके अलावा एंबुलेंस सेवा भी बिना पास के 24 घंटे अपना काम कर सकती हैं। निजी वाहन बिना पास केनहीं चलेंगे डीसीपी केमुताबिक निजी वाहन जिसका प्रयोग सरकारी कार्यालयों में किया जा रहा है। वह बिना पास के नहीं चल सकते हैं। इसी तरह कोई भी निजी वाहन , रोड ट्रांसपोर्ट बसें, प्राइवेट बसें, अन्य आवश्यक वस्तु एवसं सेवाओं की आपूर्ति के वाहन जिन्हें पास जारी नहीं किया गया है। ऐसे वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। नगर निगम के वही वाहन चल सकेेंगे जिनको नीला पास जारी किया गया है। ये वाहन सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक ही सड़कों पर सक्रिय रहेंगे। ऐसा न करने पर पुलिस वाहनों को सीज कर मालिक पर मुकदमा दर्ज करेगी। इसके अलावा डीसीपी यातायात चारू निगम के मुताबिक एक कार में सिर्फ दो लोग और बाइक पर एक लोग ही चल सकते हैं। इस नियम में सिर्फ इमरजेंसी में ही छूट दी जाएगी। लॉक डाउन के दौरान सिर्फ ई-पास के जरिए ही एक राज्य से दूसरे राज्य जा सकेंगे।