लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा की प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत विवि अपने दाखिले प्रवेश परीक्षा के बजाय मेरिट के आधार पर कर सकता है। लॉकडाउन की वजह से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस बदलाव के बाद विवि को प्रवेश परीक्षा का आयोजन नहीं करना होगा। आवेदन फॉर्म में उपलब्ध अभ्यर्थियों के नंबरों के आधार पर मेरिट के आधार पर चयनितों की सूची जारी कर दी जाएगी। इस तरह से प्रवेश परीक्षा के आयोजन में लगने वाला समय बचेगा तथा अभ्यर्थियों की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हो जाएगा। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि परीक्षा के साथ ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन भी उनके लिए बड़ी चुनौती है। इसको देखते हुए इस तरह के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। अगर दाखिले के लिए पर्याप्त समय नहीं रहता है तो फिर हम मेरिट आधारित प्रवेश प्रणाली का पालन करेंगे। विवि ने स्नातक तथा परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 20 मई तक बढ़ा दी है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन होने पर विवि को इनके लिए प्रश्नपत्र तैयार कराना होगा। इसमें काफी समय लगता है। प्रवेश परीक्षा के आयोजन के लिए भी विवि को कुछ समय चाहिए होता है। इसलिए नये विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। लविवि ने इस साल अपनी परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया में पहले ही बड़ा बदलाव किया है। अभी तक लविवि परास्नातक के दाखिले लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर करता था। इस साल ये दाखिले स्नातक की तरह बहुविकल्पीय सवाल आधारित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से लिए जाने थे। लॉकडाउन की वजह से इसमें एक बार फिर से बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है।