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मुख्यमंत्री ने की सख्ती तो अफसरों ने कर्मचारियों को दिया डीए, पेंशनर फिर भी छूटे

Sun, 24 Mar 2019 12:08 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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सरकार ने सख्ती दिखाई तो शासन के अफसरों ने दिन-रात लगकर राज्य कर्मचारियों-शिक्षकों को महंगाई भत्ते के भुगतान का आदेश जारी कर दिया। लेकिन पेंशनरों को फिर छोड़ दिया। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक पेंशनरों की नाराजगी बढ़ गई है।
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दरअसल, वित्त विभाग के अफसरों ने चुनाव घोषणा से पहले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को महंगाई भत्ते के नकद भुगतान का आदेश तो जारी कर दिया गया था, लेकिन राज्य कर्मियों को छोड़ दिया था। ‘अमर उजाला’ ने इस भेदभाव को प्रमुखता से उठाया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया और अफसरों को तलब कर नाखुशी जताई और तत्काल नकद डीए भुगतान के निर्देश दिए थे।

इसके बाद चुनाव आयोग की अनुमति लेकर जनवरी व फरवरी के डीए के एरियर का भुगतान मार्च में ही करने और मार्च के डीए का भुगतान मार्च के वेतन के साथ अप्रैल में करने का आदेश जारी किया गया। मगर अधिकारी पेंशनरों के महंगाई राहत के भुगतान पर फिर कुंडली मार गए। अफसरों की उपेक्षा से करीब 10 लाख पेंशनर काफी आहत हैं। 
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वहीं, अधिकारियों की इस तरह की कार्यशैली से सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। वचनबद्ध देयों के भुगतान में इस तरह अड़ंगेबाजी से पेंशनर नाराज हैं। संयुक्त पेंशनर्स समन्वय समिति के संयोजक एनपी त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों के साथ पेंशनरों के महंगाई राहत का भुगतान न किए जाने पर अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल से नाराजगी जताई गई है। उनसे तत्काल भुगतान कराने की मांग की गई है। त्रिपाठी ने बताया कि भविष्य में इस तरह न हो यह सुनिश्चित कराने का भी आग्रह किया गया है।
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