सरकार ने सख्ती दिखाई तो शासन के अफसरों ने दिन-रात लगकर राज्य कर्मचारियों-शिक्षकों को महंगाई भत्ते के भुगतान का आदेश जारी कर दिया। लेकिन पेंशनरों को फिर छोड़ दिया। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक पेंशनरों की नाराजगी बढ़ गई है।
दरअसल, वित्त विभाग के अफसरों ने चुनाव घोषणा से पहले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को महंगाई भत्ते के नकद भुगतान का आदेश तो जारी कर दिया गया था, लेकिन राज्य कर्मियों को छोड़ दिया था। ‘अमर उजाला’ ने इस भेदभाव को प्रमुखता से उठाया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया और अफसरों को तलब कर नाखुशी जताई और तत्काल नकद डीए भुगतान के निर्देश दिए थे।
इसके बाद चुनाव आयोग की अनुमति लेकर जनवरी व फरवरी के डीए के एरियर का भुगतान मार्च में ही करने और मार्च के डीए का भुगतान मार्च के वेतन के साथ अप्रैल में करने का आदेश जारी किया गया। मगर अधिकारी पेंशनरों के महंगाई राहत के भुगतान पर फिर कुंडली मार गए। अफसरों की उपेक्षा से करीब 10 लाख पेंशनर काफी आहत हैं।