प्रदेश की सियासत में कल तक गलबहियां करने वाली सपा और सुभासपा अब एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर सामने आ गई है। जुबानी जंग तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पर तंज कसा। कहा कि उनके शरीर में दूसरे दल की आत्मा घुस गई है तो राजभर के बेटे अरुण राजभर ने सपा पर टिकट बेचने का आरोप लगाया।
दरअसल वाराणसी पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ओम प्रकाश राजभर के शरीर में किसी दूसरे की आत्मा आ गई है। उनका झाड़फूंक कराना होगा। तभी ठीक होंगे। इसके जवाब में सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के युग में सपा अध्यक्ष का यह बयान हास्यापद है और उनकी मानसिकता बयां करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सपा अध्यक्ष को पता ही नहीं चला उनके आसपास रहने वालों ने रुपये लेकर टिकट बेचे।
अरुण राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को पता ही नहीं चला और उनके लोगों ने पूरे प्रदेश के नेताओं को लूट लिया। यही वजह थी कि सुबह टिकट किसी को मिलता था और दोपहर में कोई दूसरा फॉर्म बी लेकर पर्चा दाखिल करने पहुंच जाता था। बदनाम सुभासपा को किया। कई सपाइयों से मुंहमांगी कीमत वसूली गई। टिकट सुभासपा के कोटे का पकड़ा दिया गया। इसके बाद भी पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए उनके चुनाव का खर्च उठाया। सुभासपा ने सपा की हर शर्त मानी। उन्होंने 18 सीटें देने का वादा किया, लेकिन बाद में एक-एक सीट पर सपाइयों को टिकट दिलाते रहे। सुभासपा अति पिछड़ों और दलितों के हक के लिए हर अपमान स्वीकार किया।
आजम बोले, सपा कमजोर नहीं
सपा के वरिष्ठ नेता विधायक आजम खां ने ओम प्रकाश के जाने के सवाल के जवाब में कहा कि सपा इतनी कमजोर नहीं है कि किसी के जाने से फर्क पड़े। यहां से जो गया, वह गया। सपा विचारधारा की पार्टी है। एक पुराना संघर्ष का नाम है। 2024 चुनाव पर फर्क पड़ने के सवाल पर कहा कि यदि ऐसे लोगों से फर्क पड़ता तो हर गली का नेता बड़ी पार्टी को खत्म कर देता। कोर्ट में बार-बार चक्कर लगाने के मसले पर दर्द बहयां करते हुए कहा कि जो जीता वही सिकंदर लेकिन हम मदारी केबंदर हो गए हैं। कभी रामपुर तो कभी मुरादाबाद कोर्ट में चक्कर लगा रहे हैं।