कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की 4 जुलाई को होने वाली अहम बैठक में भाजपा के साथ दोस्ती पर पुनर्विचार किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर भाजपा सरकार ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में गठबंधन पर पुनर्विचार जरूरी है।
पार्टी सूत्रों की माने तो मंत्री राजभर एक बार फिर बागी तेवर में हैं। 4 जुलाई को लखनऊ में होने वाली बैठक में गठबंधन के नफा-नुकसान पर चर्चा के सथा ही पार्टी को मजबूत बनाने और लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर रणनीति भी बनेगी।
गौरतलब है कि राजभर कई बार कह चुके हैं कि भाजपा सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। राजधानी में उन्हें एक कार्यालय बनाने तक के लिए जगह नहीं दी गई है, जबकि ऐसे दलों के पास अपना कार्यालय जिनका यूपी से एक भी विधायक और सांसद नहीं है।
राजभर का कहना है कि भाजपा सरकार में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को उनका वाजिब हक नहीं मिल पा रहा है। अन्य वर्गों से पिछड़ों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद बजट में उनके लिए छात्रवृत्ति के मद में कम राशि दी जा रही है।