डेढ़ दिन के लखनऊ प्रवास में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने पार्टी के नेताओं को समझाया भी तो पेंच भी कसे। उन्होंने इशारों-इशारों में मनमाने फैसला लेने से बाज आने की बात कही। बताया जाता है कि प्रदेश के कुछ जिलों के अध्यक्ष जिस तरह से बदले गए हैं, उस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
कहा कि जब सदस्यता शुरू हो चुकी है तो ऐसे फैसलों से बचा जाए जिससे बाहर गलत संदेश न जाए। फैसले वही होने चाहिए जिनके नतीजे सार्थक हो साथ ही परिणाम निकले। उन्होंने विधानमंडल दल कार्यालय जाकर विधायकों से भी मुलाकात की।
वैसे तो यह बैठक पूरी तरह परिचयात्मक रही। पर, यहां भी उन्होंने विधायकों को उनका महत्व बताते हुए उनसे पार्टी की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। कहा कि जनता के बीच पार्टी की छवि व आधार के लिहाज से विधायकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं।