लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट का सबसे पुराना टर्मिनल टी-वन आखिरकार जमींदोज हो गया। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल टी-थ्री का विस्तार इस टर्मिनल से खाली जगह पर किया जाएगा। पुराने टर्मिनल को चारबाग रेलवे स्टेशन की तर्ज पर वर्ष 1996 में बनाया गया था।
दरअसल, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बनाया गया है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ानों को शिफ्ट कर दिया गया है। नए टर्मिनल टी-थ्री के विस्तार की योजना बनी, जिससे पुराने को तोड़ा गया है। अब टर्मिनल-वन की जगह टर्मिनल-थ्री के नए लाउंज, एस्केलेटर व एयरसाइड में नए एयरोब्रिज लगेंगे। इससे पैसेंजर विमानों से उतरकर टर्मिनल के अंदर जा सकेंगे। इतना ही नहीं टर्मिनल थ्री का विस्तार होने के बाद यहां से सालाना 1.3 करोड़ यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी। जबकि अभी टर्मिनल-थ्री की यात्रियों को संभालने की क्षमता प्रतिवर्ष 80 लाख की है।