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भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी रोकने के लिए आधार से जोड़ी जाएंगी पुरानी रजिस्ट्रियां, तैयार होगा डाटाबेस

Thu, 10 Dec 2020 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो ज्ञान सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी रोकने के लिए स्टांप व निबंधन विभाग अब पुरानी रजिस्ट्रियों को आधार नंबर से जोड़ेगा। वर्ष 2016 से पहले हुए निबंधन से जुड़े खरीदारों के आधार नंबर को रजिस्ट्री से लिंकअप कर डाटाबेस रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा।
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ऐसा करने से रजिस्ट्री कराने वाले की जानकारी विभाग के साथ आयकर व प्रवर्तन निदेशालय को मिल जाएगी। इससे जहां वास्तविक तथ्य छुपाकर होने वाली भू-संपत्तियों की खरीद में गड़बड़ी रुकेगी, वहीं बेनामी संपत्तियों की निगरानी भी हो सकेगी।

एआईजी स्टांप निबंधन राम इकबाल सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वर्ष 2016 से निबंधन के समय खरीदार, विक्रेता के आधार की प्रमाणिकता को अनिवार्य किया गया। इसके बाद से बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, बेनामी रजिस्ट्री व फर्जीवाड़े पर रोक की हाईटेक निगरानी और कार्रवाई हो रही है। 
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सॉफ्टवेयर सिस्टम में किया जाएगा कुछ बदलाव

इसमें और तेजी लाने के लिए अब वर्ष 2016 से पहले हुई भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री को भी आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग खरीदार के लिए पते पर सूचना देकर आधार की जानकारी लेगा। इस काम के लिए सॉफ्टवेयर सिस्टम में कुछ बदलाव किया जाएगा।

पुरानी रजिस्ट्री में खरीददार का आधार नंबर जुड़ने से फर्जीवाड़ा तो रुकेगा ही बेनामी संपत्ति के निबंधन को भी रोकने में मदद मिलेगी। लिंकअप आधार नंबर को रजिस्ट्री की कॉपी में भी दर्ज किया जाएगा।
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