बकौल अजय, पिता को परेशान देख उसने अस्पताल में फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। रात करीब सवा बारह बजे पिता के कमरे से गोली चलने की आवाज आई तो वह मौके पर पहुंचा। पिता को बाथरूम में खून से लथपथ पड़ा देख होश उड़ गए। उनकी कनपटी पर गोली लगी थी और लाइसेंसी रिवॉल्वर पास ही पड़ा था।
आनन-फानन उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अजय का कहना है कि मां की तबीयत खराब होने की वजह से पिता परेशान थे। वह उनसे अस्पताल में मिलने के अलावा दिन में कई बार फोन पर बात करके भी हालचाल लेते थे। बृहस्पतिवार को उनकी मां से बात नहीं हो पाई, जिससे अवसादग्रस्त होकर उन्होंने जान दे दी।