फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: अफसर करते रहे बैठकें, खुले नाले में समा गई जिंदगी

विज्ञापन
इसी नाले में गिरा था पेंटर।
विज्ञापन
लखनऊ। बारिश में हर साल राजधानी लबालब होती है। इसे देखते हुए पिछले चार-महीनों से नालों की सफाई के संबंध में महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त गौरव कुमार बैठकें कर रहे हैं। इनमें बारिश से पहले नालों की सही से सफाई से लेकर खुले मैनहोलों को ढकने, जलभराव से निपटने के निर्देश दिए गए। हालांकि, जिम्मेदारों ने कभी यह नहीं जाना कि जमीन पर क्या काम हुआ है।
विज्ञापन

पूरे शहरभर में ऐसे खुले नालों व मैनहोलों की भरमार है। इस लापरवाही ने ठाकुरगंज निवासी पेंटर सुरेश लोधी की जान ले ली। शनिवार सुबह खुले नाले में गिरकर बह गए थे। स्थानीय जनता का आरोप है कि अफसर एसी कमरों में बैठकें और दावे ही करते रहे। न तो शहर में नालों की सही से सफाई हुई। न ही इन्हें ढका गया। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिम्मेदारों पर गाज गिरी है। ठेकेदार व पार्षद पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, लेकिन उन लापरवाह अफसरों का क्या, जो हालात जानने निकले ही नहीं।
नगर आयुक्त मानने के लिए तैयार नहीं थे कि कोई गिरा है...
शनिवार सुबह हादसे के काफी देर बाद पहुंची नगर निगम की टीम ने सर्च ऑपरेशन शाम सात बजे ही बंद कर दिया था। उधर, नगर आयुक्त तो यह मानने तक के लिए तैयार नहीं थे कि नाले में कोई गिरा है। वह प्रत्यक्षदर्शी न मिलने की बात पर अड़े रहे। सर्च ऑपरेशन में जुटी टीम रविवार को भी सुबह करीब 11 बजे लौटी, जबकि उसे जल्दी आकर सुरेश की तलाश में जुटना चाहिए था। इसे लेकर परिजनों व स्थानीय लोगों में नाराजगी भी दिखी।
विज्ञापन

अब भी नहीं ढका नाला, खतरा बरकरार
सुरेश लोधी ने जान गंवा दी। उसकी पत्नी विधवा हो गईं। बच्चे अनाथ हो गए, लेकिन अब भी नगर निगम के अफसरों की नींद नहीं टूटी है। जिस नाले में गिरकर सुरेश की मौत हुई, उसे अभी तक ढका नहीं गया है। जगह-जगह से नाला खुला होने से ऐसे और हादसों के होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

खुले नाले की दें सूचना
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे यदि खुले नाले या मैनहोल देखें तो टोल फ्री नंबर 1533 पर सूचित करें। जल्द से जल्द ठीक कराया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें