मोदी के शेरों को का क्रेज विदेशियों को भी अपनी ओर खींच रहा है।
शुक्रवार को संक्षिप्त दौरे के तहत राज्य संग्रहालय आए ब्रिटिश दूतावास के अधिकारी गुनगुनी धूप में अठखेलियां करते शेरों को देखे बिना नहीं रह सके।
अधिकारियों का दल सुरक्षा व्यवस्था के बीच राज्य संग्रहालय स्थित विदेशी शासकों की वीथिका देखने आया था।
इस संक्षिप्त दौरे के दौरान इन्होंने न सिर्फ गैलरी में लगी जॉर्ज पंचम, क्वीन विक्टोरिया की धातु, पत्थर से बनी दो दर्जन से अधिक प्रतिमाओं को देखा और तस्वीरें खींची।
इसके बाद गुजरात से लखनऊ लाए गए बब्बर शेरों को भी करीब से देखा। शेरों को देखने के चक्कर में वे विभन्न विभागों के अधिकारियों से मुलाकात भी नहीं कर सके।
निदेशक जू का कहना था कि विदेशी मेहमानों के जू आने की सूचना उन्हें मिल गई थी, लेकिन उनके पहुंचने के पहले ही वे वहां से चले गए।
वे मात्र आठ से दस मिनट ही जू परिसर में रहे। संग्रहालय के अधिकारी तो इन विदेशी मेहमानों के आने से अनभिज्ञ ही रहे।