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निवेशक 4 साल से मांग रहा छूट, सीएम ने कहा था 15 दिन में हो समाधान... महीने भर बाद होगी बैठक

Sun, 18 Oct 2020 10:41 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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अमरोहा का एक निवेशक चार वर्ष से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहा है। नीति में स्पष्ट प्रावधान के बावजूद प्रकरण में निर्णय लेने की जगह मामले को एक अधिकारी से दूसरे के पास टरकाया जाता रहा। पिछले महीने मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने गया तो उन्होंने 15 दिन में समस्या के निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बावजूद करीब एक महीने बाद अब इस समस्या के समाधान पर चर्चा के लिए बैठक की तैयारी है।

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अमरोहा के निवेशक जेआरजी फूड्स ने अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत फ्लोर मिल लगाई। इकाई ने 30 सितंबर 2016 को तय प्रारूप पर मंडी शुल्क से छूट के लिए आवेदन किया। यह मामला उद्योग बंधु की उच्च स्तरीय बैठक में आया। यहां इसकी समीक्षा हुई। आवेदन के करीब तीन साल बाद मंडलायुक्त मुरादाबाद ने इकाई को नीति के तहत पात्र माना, पर 2 प्रतिशत के स्थान पर मात्र 0.5 प्रतिशत छूट की संस्तुति शासन को भेजी।

मुख्य सचिव ने भी 15 दिन में निपटारे के दिए थे आदेश
इकाई मंडलायुक्त के निर्णय से संतुष्ट नहीं हुई तो मामला फिर शासन पहुंच गया। यहां इसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले उच्च स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में रखा गया। मुख्य सचिव ने कृषि विपणन विभाग को निर्देश दिया कि 15 दिन में प्रकरण का निस्तारण कराते हुए मंडलायुक्त मुरादाबाद की 0.5 प्रतिशत की छूट की संस्तुति का आधार, उद्योगों को अलग-अलग प्रतिशत में दी गई छूट का विवरण तथा उसका आधार अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के माध्यम से पेश किया जाए। इसके बाद मामले की समीक्षा लगातार होती रही लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

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सीएम के निर्देश के महीने भर पर होगी बैठक

आखिरकार यह मामला 21 सितंबर को राज्य स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर 15 दिनों में मामले का निस्तारण कराएं। इसके बावजूद इन्वेस्ट यूपी ने सीएम के निर्देश के करीब 26 दिन बाद 16 अक्तूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक का कार्यक्रम तय कराया। अब यह बैठक 20 अक्तूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त के सभाकक्ष में 4 बजे तय की गई है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के प्रस्तर-5.3 का प्रावधान
सभी नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों जिनमें प्लांट व मशीनरी में आगामी 5 वर्ष तक पूंजी निवेश 5 करोड़ रुपये या अधिक हो, को उनके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले कच्चे माल के क्रय पर 5 वर्ष के लिए मंडी शुल्क से छूट उपलब्ध कराई जाएगी।

नीति के अंतर्गत दी गई छूट की शर्तें पूरी पूर्ण करने पर सक्षम समिति ने इकाई को पात्र माना है। ऐसे में मंडलायुक्त मुरादाबाद का 2 फीसदी के स्थान पर 0.5 फीसदी मंडी शुल्क छूट उपलब्ध कराया जाना नीति के अनुकूल नहीं है।

मैनेजर वर्क्स, जेआरजी फूड्स, अमरोहा अशोक प्रियदर्शन का कहना है कि हम चार वर्ष से नीति के तहत छूट का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री के निर्देश पर 20 अक्तूबर को बैठक होने जा रही है। उम्मीद है कि इस बार निर्णय जरूर होगा।
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