आखिरकार यह मामला 21 सितंबर को राज्य स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर 15 दिनों में मामले का निस्तारण कराएं। इसके बावजूद इन्वेस्ट यूपी ने सीएम के निर्देश के करीब 26 दिन बाद 16 अक्तूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक का कार्यक्रम तय कराया। अब यह बैठक 20 अक्तूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त के सभाकक्ष में 4 बजे तय की गई है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के प्रस्तर-5.3 का प्रावधान
सभी नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों जिनमें प्लांट व मशीनरी में आगामी 5 वर्ष तक पूंजी निवेश 5 करोड़ रुपये या अधिक हो, को उनके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले कच्चे माल के क्रय पर 5 वर्ष के लिए मंडी शुल्क से छूट उपलब्ध कराई जाएगी।
नीति के अंतर्गत दी गई छूट की शर्तें पूरी पूर्ण करने पर सक्षम समिति ने इकाई को पात्र माना है। ऐसे में मंडलायुक्त मुरादाबाद का 2 फीसदी के स्थान पर 0.5 फीसदी मंडी शुल्क छूट उपलब्ध कराया जाना नीति के अनुकूल नहीं है।
मैनेजर वर्क्स, जेआरजी फूड्स, अमरोहा अशोक प्रियदर्शन का कहना है कि हम चार वर्ष से नीति के तहत छूट का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री के निर्देश पर 20 अक्तूबर को बैठक होने जा रही है। उम्मीद है कि इस बार निर्णय जरूर होगा।