उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से हुई त्रासदी को देखते हुए यूपी में गंगा किनारे स्थित 11 मंडलों और 27 जिलों को हाईअलर्ट कर दिया गया है। इन जिलों के डीएम व वरिष्ठ पुलिस अफसरों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या से वाराणसी जाते समय राम कथा पार्क स्थित हैलीपैड पर रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यद्यपि उत्तराखंड सरकार सक्रिय होकर काम कर रही है। वहां के मुख्यमंत्री स्वयं घटना पर नजर रखते हुए मौके के लिए रवाना हुए हैं। पीएम व गृहमंत्री भी घटना पर नजर बनाए हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट रखा गया है। बचाव और राहत कार्य को तेज करने के लिए आवश्यक एडवाइजरी जारी की गई है।
बता दें कि उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में रविवार सुबह ग्लेशियर फट गया। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर गंगा जी का बहाव स्थल सर्वाधिक है। यहां 25 जनपदों की लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी भूमि से होकर गंगा नदी गुजरती हैं। सरकार ने घटना के तुरंत बाद सतर्कता के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश का गृह विभाग, राजस्व, आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ आदि की टीमें नजर रख रही हैं। जलशक्ति विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। अलकनंदा का बहाव तेजी से बढ़ रहा है, यह जल नीचे आने में समय लगेगा।
हरिद्वार के बाद नरोड़ा, बिजनौर बैराज आएंगे। सरकार यहां पर जल को खपाने की कोशिश करेगी ताकि आगे कोई समस्या न आए। उत्तराखंड के नागरिकों के प्रति हमारी संवेदना है। उत्तराखंड सरकार किसी भी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा रखेगी तो उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। यहां पर एनडीआरएफ की अच्छी व्यवस्था है। बताया जा रहा है कि शाम तक गंगा में कई लाख क्यूसेक पानी बढ़ सकता है। बताते चलें कि जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से डैम टूट गया है, जिससे धौली नदी में बाढ़ आ गई है। हादसे में कई लोग बह गए हैं।
इसके अलावा, चमौली जिले में ग्लेशियर फटने के बाद बिजनौर प्रशासन सतर्क हो गया है। खासतौर पर गंगा के आसपास के इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली कर रहे हैं। ऋषि गंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। सभी थानों और नदी किनारे बसी आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। नदी से बोट संचालन और राफ्टिंग संचालकों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।