सूबे की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही मातहत अधिकारियों की घेराबंदी शुरू हो गई है। 29 दिसंबर को समीक्षा बैठक से पहले जिलों के अधिकारियों से 18 बिंदुओं पर जो जानकारी मांगी गई है, उसके आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। अधिकारियों से उनकी ही जानकारी पर सवाल- जवाब होंगे। यह समीक्षा मुख्य सचिव आलोक रंजन द्वारा की जाएगी।
इससे पहले जिलों के अफसरों को 18 बिंदुओं के प्रारूप पर डीजीपी मुख्यालय को 23 दिसंबर तक हर हाल में एक निश्चित जानकारी मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है, उनमें जातिगत तनाव के कितने मामले चिह्नित किए गए और इनमें क्या कार्रवाई हुई, सांप्रदायिक संघर्ष के कितने मामले सामने आए और उनमें क्या कार्रवाई हुई, कितने अपराध हुए, जो अपराध हुए उन पर क्या कार्रवाई हुई, कितनों के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर या एनएसए के तहत कार्रवाई हुई, कितने वांछित अपराधी हैं, कितनों के खिलाफ कार्रवाई की गई, कितनी विवेचनाएं लंबित हैं, थानों व अन्य पुलिस कार्यालयों के किस अधिकारी द्वारा कितनी बार निरीक्षण किया गया, महिला अपराधों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति, पुलिस कंट्रोल रूम का कितनी बार निरीक्षण हुआ और क्या रिस्पांस टाइम रहा, आदि बिंदु शामिल हैं।