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अफसरों का जलवा, पलटवाया सरकारी फैसला

Mon, 16 Feb 2015 12:51 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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मंडी परिषद के अधिकारियों ने चहेतों को पदोन्नति के लिए सरकार का फैसला पलटवा दिया। उन्होंने पूर्व में दिए गए फैसले के विरुद्ध नया आदेश करा दिया।
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वह भी मंडी परिषद के संचालक मंडल में अनुमोदन कराए बगैर। मामला खुलने पर सपा विधायक धर्मराज यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शिकायत की है।

यह प्रकरण मंडी परिषद कर्मचारी सेवा नियमावली में संशोधन का है। मंडी परिषद बोर्ड ने कंप्यूटर ऑपरेटर के 6 पदों को मृत घोषित करने और प्रोगामर के पद को सिस्टम एनालिस्ट का पदनाम देने व लेखा संवर्ग की सांगठनिक संरचना में संशोधन का प्रस्ताव पारित कर 21 अप्रैल 2013 को शासन को भेजा लेकिन शासन ने इसे रद्द कर दिया।

तत्कालीन विशेष सचिव बादल चटर्जी की तरफ से 8 नवंबर 2013 को मंडी परिषद को पत्र द्वारा इसकी सूचना भी दे दी गई।
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मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर की जांच की मांग

इसमें कहा गया कि शासन ने प्रस्ताव को औचित्यपूर्ण नहीं पाया है। इस तरह के प्रस्ताव को मंजूरी देने से अन्य संवर्गों से भी मांगें शुरू हो जाएंगी। इसलिए फैसला किया गया है कि मौजूदा व्यवस्था ही बनी रहेगी। संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है।

इसके बावजूद मंडी परिषद के अधिकारियों ने हार नहीं मानी। एक नई पत्रावली बनाई। फिर शासन की जानकारी में पूरा मामला लाए बगैर वहां से दिसंबर 2014 में उन्हीं संशोधनों का अनुमोदन करा लिया जिन्हें पहले निरस्त किया जा चुका था।

फिर इसी संशोधित नियमावली के आधार पर डीपीसी कराने की तैयारी भी कर ली। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डीपीसी कराने पर रोक लगाने और पूरे प्रकरण की जांच कराने का आग्रह किया है।
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