मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों के इस रवैये पर सख्त नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई कर सूचना ऑनलाइन व ऑफलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गोयल ने जिन विभागों को चिट्ठी लिखी है, उनमें खाद्य एवं रसद, आवास, बेसिक शिक्षा, औद्योगिक विकास, महिला कल्याण, गृह, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, वित्त, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण, ऊर्जा, न्याय, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा नगर विकास शामिल हैं।
मुहिम को सफल बनाने के लिए यह होना जरूरी
- एंटी करप्शन पोर्टल पर आई शिकायतों पर तय समय सीमा में कार्रवाई हो।
- जिन मामलों में कार्रवाई हो, उनका विस्तृत ब्योरा पोर्टल पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाए।
- पोर्टल के मेन पेज पर ही स्पष्ट करें कि किस-किस तरह की शिकायतों पर कार्रवाई होगी। ऑडियो व वीडियो कितने एमबी तक अपलोड किए जा सकते हैं।
- अनावश्यक ऑडियो-वीडियो अपलोड किए जाने पर किस-किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, यह भी पोर्टल पर स्पष्ट करें।
- करप्शन की क्लिपिंग्स को कार्रवाई के लिए विभागों के बजाय पुलिस की एंटी करप्शन विंग को भेजा जाए।
- एंटी करप्शन विंग की कार्रवाई की सीएम कार्यालय वर्तमान की तरह निगरानी करे।
- पोर्टल पर लिखा जाए कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहेगी और जांच में उससे किसी तरह की पूछताछ नहीं होगी।
एक शिकायतकर्ता ने ऑडियो के रूप में ‘जिंदगी प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है...’ गाना अपलोड कर दिया। इस तरह के तमाम बेमतलब के वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं।
गाजीपुर के एक युवक को उसकी भौजाई ने दो थप्पड़ लगाया। युवक ने थप्पड़ खाने का वीडियो पोर्टल पर अपलोड कर कार्रवाई की गुजारिश की।
कई ऐसे ऑडियो-वीडियो भी अपलोड किए गए हैं, जिनका शिकायत से कोई लेना-देना नहीं है। मसलन शिकायत किसी व्यक्ति की है लेकिन वीडियो खेत-मैदान का डाल दिया।