शासन के निर्देश हैं कि सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सभी अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतें सुनेंगे और उनका निस्तारण करेंगे। इस जन सुनवाई कार्यक्रम से लोगों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस कार्यक्रम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बख्शी का तालाब में ब्लॉक हो या तहसील, थाना हो या नगर पंचायत अथवा अन्य सरकारी कार्यालय, सभी जगह अधिकारी ज्यादातर सुबह 11 बजे के बाद ही आते हैं। बीकेटी ब्लॉक कार्यालय में स्थित बीडीओ कक्ष, एडीओ समाज कल्याण, एडीओ सहकारिता, एडीओ एसबीआई और एडीओ पंचायत व खंड विकास अधिकारी बुधवार सुबह 11 बजे तक ब्लॉक कार्यालय नहीं पहुंचे थे। सुबह 11:15 बजे एडीओ पंचायत ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। इसी तरह तहसील में चकबंदी अधिकारी, राजस्व लिपिक, कानूनगो व अन्य कई अधिकारी सुबह 11 बजे तक अपने कार्यालयों में नहीं पहुंचे थे। सुबह 10:15 बजे तहसील कार्यालय में सिर्फ तहसीलदार, उप जिलाधिकारी और नायब तहसीलदार ही अपने कक्ष में मौजूद मिले।
नगर पंचायत बख्शी का तालाब, नगर पंचायत इटौंजा, नगर पंचायत महोना, वन विभाग रेंजर कार्यालय, उद्यान विभाग, बीकेटी कार्यालय, थाना इटौंजा, थाना बख्शी का तालाब में भी सुबह 10 बजे जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आए। बख्शी का तालाब थाना परिसर में स्थित क्षेत्राधिकारी कार्यालय में सीओ सुबह 10 बजे मौजूद मिले। पावर स्टेशन बक्शी का तालाब में स्थित उपखंड अधिकारी कार्यालय और इटौंजा पावर स्टेशन परिसर में स्थित उपखंड अधिकारी इटौंजा कार्यालय में भी सुबह 10:30 बजे तक कोई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों के 11 बजे तक अपने कार्यालयों में न पहुंचने के चलते फरियादियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में एसडीएम डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि वह जल्द ही इस मामले को लेकर सभी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे और फिर जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।