लखनऊ। निजी प्रैक्टिस में फंसे केजीएमयू के डॉक्टर को बचाने में अफसर लगे हैं। चार्जशीट दाखिल होने के सालभर बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उधर, स्टॉक रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर बनाने के आरोपी वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टर पर कार्रवाई अटकी है। शुक्रवार को कार्यपरिषद की बैठक में दोनों मामलों को रखा जाएगा। इन पर कार्रवाई की उम्मीद है।
बालागंज के हेल्थ प्वांइट हॉस्पिटल में वर्ष 2023 में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने केजीएमयू के डॉक्टर पर निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। केजीएमयू प्रशासन से शिकायत करते हुए साक्ष्य भी दिया था।
इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई। पड़ताल जांच के बाद केजीएमयू कार्यपरिषद ने आरोपी विभागाध्यक्ष को चार्जशीट सौंपने के निर्देश दिए। इसके एक साल बाद भी अभी तक आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उधर, वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टर पर स्टॉक रजिस्टर पर फर्जी साइन करने के आरोप हैं। कमेटी ने जांच के बाद फर्जी दस्तखत करने, अवकाश पर जाने से पहले सीनियर डॉक्टर को चार्ज न देने की बात कही है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।