कैबिनेट ने रिटेल स्टोर्स के माध्यम से ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की ब्रांडिंग योजना के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ग्लोसाइन बोर्ड, स्टैंडीज और प्रचार-प्रसार के अन्य माध्यमों से इन खुदरा दुकानों की ओडीओपी स्टोर्स के रूप में ब्रांडिंग करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
योजना यूपी के साथ ही प्रदेश के बाहर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों तक सीमित रहेगी। योजना शुरू होने की तिथि से 3 वर्ष तक लागू रहेगी। पंचायत क्षेत्र में स्थापित ओडीओपी स्टोर्स के लिए 40 हजार रुपये, नगरपालिका क्षेत्र में 60 हजार और नगर निगम क्षेत्र में 1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
दिल्ली एवं मुंबई में एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर स्टोर स्थापित करने के लिए क्रमश: 5 लाख और 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। लखनऊ, वाराणसी, पुणे, कोचीन, बडोदरा, अमृतसर, इंदौर, नागपुर, मंगलौर, विशाखापत्तनम, तिरुपति और अन्य प्रदेश की राजधानी में स्थापित स्टोर के लिए यही राशि 4 लाख और डेढ़ लाख रुपये होगी। अन्य स्थानों पर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर स्थापित स्टोर के लिए यह राशि क्रमश: 3 लाख और 75 हजार होगी।
ओडीओपी स्टोर का चयन कुल क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा। पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करने पर ओडीओपी उत्पादों को अधिक डिस्प्ले क्षेत्रफल उपलब्ध कराने वाले स्टोर्स को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों में लक्ष्य का निर्धारण आयुक्त एवं निदेशक उद्योग स्तर से होगा।
प्रत्येक जिले में चयन वहां के डीएम या मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित 6 सदस्यीय समिति करेगी। उपायुक्त उद्योग सदस्य संयोजक होंगे। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के लिए चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग (ओडीओपी प्रकोष्ठ) के माध्यम से होगा। प्रति एयरपोर्ट और प्रति रेलवे स्टेशन अधिकतम एक स्टोर को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
भूगर्भ जल अधिनियम में संशोधन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ‘उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) संशोधन विधेयक-2020 के प्रारूप और अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन को राज्य विधानमंडल से पारित कराए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। यह अधिनियम 2 अक्तूबर, 2019 से लागू है। इसे और स्पष्ट व जनसुलभ बनाने के लिए संशोधन का निर्णय किया गया है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) नियमावली, 2020 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
देवबंद-रुड़की रेल परियोजना के लिए सिंचाई विभाग देगा जमीन
देवबंद-रुड़की रेल लाइन परियोजना और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए सिंचाई विभाग की सहारनपुर, मेरठ एवं गौतमबुद्धनगर में भूमि रेल मंत्रालय को हस्तांतरित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को हरी झंडी दे गई है। मूल्य का भुगतान सिंचाई विभाग को किए जाने के बाद प्रस्तावित भूमि रेल मंत्रालय को हस्तांतरित की जाएगी।