भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किए गए गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने राज्यपाल राम नाईक से मिलकर उनके खिलाफ तथ्य प्रस्तुत किए।
मामले पर राज्यपाल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के परामर्श से बाध्य हैं, पर वे इस विषय में कानूनी राय लेंगे कि आखिर प्रजापति को पहले मंत्री पद से क्यों हटाया गया और अब दोबारा मंत्री क्यों बनाया जा रहा है। उचित समझे जाने पर वह अनुच्छेद 167 के तहत इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी जानकारी मांगेंगे।
गौरतलब है कि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कल होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में गायत्री प्रजापति को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
नूतन ने राज्यपाल को दी गई अपनी याचिका में कहा था कि गायत्री को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश और सीबीआई रिपोर्ट के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण मंत्री पद से हटाया गया है, जिसके बाद उन्हें राज्यपाल से मिलने का समय दिया गया था। उन्होंने राज्यपाल से मिलकर गायत्री के खिलाफ तथ्य रखे।।
हालांकि, गायत्री को मंत्रिमंडल में फिर से शामिल करने पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का कहना है कि इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेना है। वही तय करेंगे कि गायत्री मंत्री पद की शपथ लेंगे या नहीं।