फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: दस्तावेज नहीं दिखा सका नर्सिंग होम संचालक

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। चौपटिया के हयात नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत की स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के नेतृत्व में टीम नर्सिंग होम पहुंची।
विज्ञापन

अफसरों ने मरीज निदा के इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। दस्तावेज में भी अनियमितताएं देखने को मिलीं।

राजाबाजार निवासी अजीम की पत्नी निदा (32) ने हयात नर्सिंग होम में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने पर उसे हरदोई रोड स्थित निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर पर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद नाराज परिजनों ने नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

टीम ने इलाज से जुड़ी जानकारी मांगी तो नर्सिंग होम संचालक कई सवालों पर चुप्पी साध गए। करीब पौन घंटे बाद इलाज से संबंधित कुछ दस्तावेज की फोटोकॉपी दी गई। टीम ने जब फाइल में अलग-अलग हैंडराइटिंग में लिखे इलाज विवरण पर सवाल किया तो संचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। रात में ड्यूटी पर मौजूद नर्स व डॉक्टर का विवरण भी मांगा गया है।
विज्ञापन




मरीज के इलाज का रिकॉर्ड संदिग्ध

स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि निदा पहले वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में इलाज करवा रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वह अचानक निजी नर्सिंग होम कैसे पहुंचीं? विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार से बात किए बिना स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती।



परिवार से संपर्क का प्रयास जारी

टीम ने निदा की फाइल में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क की कोशिश की, पर सफलता नहीं मिली। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को परिजनों से संपर्क करने और बयान दर्ज कराने की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नर्सिंग होम के संचालन या इलाज में लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें