इस पर यह सहमति बनी कि अब केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी हिस्सा देगी। वर्ष 2019-20 से ही इसे लागू कर दिया जाएगा। इस नियम के लागू होने से एक फायदा यह होगा कि इस साल राज्य का दिया बजट बचेगा, जिसका उपयोग पिछले सत्र के बैकलॉग का भुगतान में किया जा सकेगा। पिछले साल एससी वर्ग के करीब दो लाख छात्रों को बजट की कमी से भुगतान नहीं हो सका था।
बैठक में तय हुआ कि योजना में पूर्व दशम कक्षाओं, इंटरमीडिएट, बीए, बीकॉम और बीएससी जैसी कक्षाओं के विद्यार्थियों को तरजीह दी जाए। इस दौरान छात्रवृत्ति वितरण की यूपी की ऑनलाइन व्यवस्था पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।