गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।
लखनऊ। सुहाग की लंबी उम्र की कामना वाले पर्व करवा चौथ पर नर्सें अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ती नजर आईं। बृहस्पतिवार को बलरामपुर अस्पताल में नर्सें सज-संवरकर पहुंची और दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।
राजकीय नर्सेज संघ का आंदोलन 21वें दिन भी जारी रहा। नौ अक्तूबर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और राजकीय मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच चुका है। संघ की कोषाध्यक्ष गीतांशु वर्मा ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अमित घोष के साथ वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं हुआ।
संघ ने चेतावनी दी कि जल्द शासनादेश जारी नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। प्रमुख मांगों में गृह जनपद में तैनाती, स्थानांतरण व्यवस्था, रिक्त पदों पर पदोन्नति, एसीपी का लाभ, अस्पतालों में क्रेच और उच्च शिक्षा के लिए सवेतन अवकाश शामिल हैं।
गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।
गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।
गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।
गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।
गोलागंज स्थित बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शन करतीं नर्सें।