बीएससी पहले सेमेस्टर के परिणाम में काफी विद्यार्थियों के जीरो नंबर दिखने को लेकर छिड़े विवाद के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
इसके अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की मार्क्सशीट में नंबर भी दर्ज किए जाएंगे। उनका कहना है कि अभी विद्यार्थियों को ग्रेड प्वॉइंट अवॉर्ड किया गया है, इसे लेकर विद्यार्थियों में भ्रम है। उन्होंने इसका भी विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
विवि प्रशासन ने इसी सत्र से स्नातक कोर्सों बीए, बीएससी, बीकॉम में भी एनईपी लागू की है। इसके आधार पर पढ़ाई और परीक्षा का आयोजन किया गया है।
इसी क्रम में बीएससी के जारी परिणाम में विद्यार्थियों को उनके द्वारा प्राप्त नंबर के मूल्यांकन के आधार पर मार्क्सशीट में ग्रेड प्वॉइंट अवॉर्ड किया गया है। इसे लेकर विद्यार्थियों में भ्रम है।
इसे देखते हुए अब विवि प्रशासन स्नातक के परिणाम में ग्रेड प्वॉइंट के साथ उनका नंबर भी शो करेगा। यह कवायद एक-दो दिन में पूरी की जाएगी।
वहीं, विवि प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि किसी आधार पर उनका ग्रेड प्वॉइंट निकाला गया है।
इसमें बताया गया है कि 85 या उससे अधिक नंबर आने पर 8.5 से 10 ग्रेड प्वॉइंट, 70 से 85 तक 7 से 8.5 तक, 60 से 69 तक 6 से 7 ग्रेड प्वॉइंट, 55 से 59 तक 5.5 से 6 तक, 50 से 54 तक 5 से 5.5 तक, 40 से 49 तक 4 से 5 ग्रेड प्वॉइंट, 33 से 39 तक 3.3 से 4 तक और 33 से कम नंबर पर 0 ग्रेड प्वॉइंट दिया गया है।
इसी वजह से उन विद्यार्थियों के जिनके नंबर 33 से कम हैं, वह जीरो ग्रेड प्वॉइंट दिखाई दे रहे हैं।
दूसरे दिन छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर किया प्रदर्शन
बीएससी पहले सेमेस्टर के परिणाम में मार्क्सशीट में जीरो नंबर के मामले में दूसरे दिन मंगलवार को भी विवि व सहयुक्त कॉलेजों के छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि वे शुक्रवार को भी आए थे और अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन मामला सिफर है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अफसरों से तीखी नोकझोंक के बीच छात्रों ने कहा कि मामले में जल्द निर्णय लें। आइसा पदाधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों का ज्ञापन लेते हुए परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि वे तीन दिन में इस माले में ठोस कार्रवाई करेंगे। भ्रम दूर करने के साथ परीक्षा परिणाम को भी दिखवाया जा रहा है कि उसमें कोई कमी तो नहीं रह गई है।