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हादसों में 30 फीसदी इजाफा: कोहरा...स्पीड और लापरवाही का खतरनाक कॉकटेल, यूपी में सड़कों पर लील रहा जिंदगियां

Tue, 30 Dec 2025 10:11 AM IST
भूपेन्द्र सिंह नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में नवंबर 2025 में नवबंर 2024 के मुकाबले हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। ओवरस्पीडिंग, उल्टी दिशा से आना, मोबाइल पर बात करते व शराब पीकर वाहन चलाना भी हादसों का कारण बना। नवबंर 2025  में 148 सड़क हादसे हुए। इसमें 60 लोगों की जान गई जबकि, 92 घायल हुए। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
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कोहरे से हादसों में इजाफा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोहरे की मार से दृश्यता कम होने से नवंबर में राजधानी लखनऊ की सड़कों पर हादसे बढ़ गए। बीते वर्ष के नवबंर के मुकाबले इनमें 20.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हादसों में मरने वालों की संख्या भी 30.4 फीसदी बढ़ी है। घायलों की संख्या में एक प्रतिशत की कमी आई है। दुर्घटनाओं का कारण ओवरस्पीडिंग, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना व उल्टी दिशा से वाहन चलाना भी है।

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बीते महीने लखनऊ में कुल 148 सड़क हादसे हुए। इनमें 60 लोगों की जान गई और 92 घायल हुए। परिवहन विभाग की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट में ये आंकड़े सामने आए हैं। नवंबर में प्रदेश के अधिकतर जिलों में सड़क दुर्घटनाओं व मृतकों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों की मानें तो कोहरा बढ़ने से शहर में भी दृश्यता कम हो जाती है, जिससे हादसे बढ़ जाते हैं।

ये हैं आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2024 में लखनऊ में 123 सड़क हादसे हुए थे, जो इस वर्ष नवंबर में बढ़कर 148 हो गए। यह वृद्धि 20.3 प्रतिशत की रही। हादसों में मरने वालों की संख्या गत वर्ष नवंबर में 46 थी, जो इस बार 30.4 फीसदी बढ़कर 60 हो गई। हालांकि, इस नवंबर में हादसों में घायल होने वालों की संख्या (92) में बीते वर्ष के मुकाबले (92) एक प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेशभर की बात करें तो नवंबर में कुल 4625 हादसे हुए। इनमें 2531 लोग की जान गई और 3420 लोग घायल हुए।

11 महीने में 1572 हादसे, 603 मौतें

जनवरी से नवंबर तक की बात करें तो लखनऊ में गत वर्ष की तुलना में सड़क हादसों की संख्या 1485 से 1572 हो गई है। 87 दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान हादसों में मरने वालों की संख्या 519 से 603 हो गई है। यह वृद्धि 16.2 प्रतिशत है। घायलों की संख्या 1065 से 1109 हो गई है।
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चेकिंग अभियान एक महीने से ठप

वाहनों की चेकिंग का अभियान एक महीने से ठप पड़ा है। एसटीएफ वाहनों की ओवरलोडिंग मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है, जिससे अफसर सकते में हैं और चेकिंग के लिए सड़कों पर नहीं उतर रहे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि नवंबर में सड़क हादसे बढ़ने की मुख्य वजह कोहरा है। दृश्यता कम होने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

आरटीओ (प्रवर्तन) भात कुमार पांडेय ने बताया कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंगलवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होगी। एक जनवरी से सड़क सुरक्षा माह भी शुरू किया जाएगा। इसमें यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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