ई-बसों को हरी झंडी दिखाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहरों में ध्वनि व वायु प्रदूषण मुक्त परिवहन सेवा समय की मांग हैं। इसे देखते हुए राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। इससे दोनों महानगरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुगम होगी और ध्वनि व वायु प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने बृहस्पतिवार को अपने सरकारी आवास से लखनऊ और कानपुर शहर के लिए 42 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि देश में स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जा रहे 100 शहरों में से 10 शहर यूपी के भी हैं। देश के जिन टॉप 10 शहरों में बेहतरीन कार्य हुए हैं, उनमें आगरा व वाराणसी भी शामिल हैं। राज्य सरकार भी अपने स्तर से नगर निगम वाले 7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का काम तेजी से कर रही है। सीएम ने शहरों के विकास के लिए शुरू की गई स्वच्छ भारत मिशन, मेट्रो रेल परिवहन और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इससे गांवों की भी तस्वीर बदली है। शहरों में स्वच्छता के नए मानक गढ़े गए हैं। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और शुद्ध पेयजलापूर्ति की व्यवस्था होने से संक्रामक रोगों को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है।
लखनऊ-नैमिषारण्य के बीच हेलीकॉप्टर सेवा जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैमिषारण्य वैदिक और पौराणिक ज्ञान की आधार भूमि है। वहां पर्यटन और संस्कृति विभाग विकास कार्य करा रहा है। जल्द ही लखनऊ से नैमिषारण्य के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन लखनऊ से नैमिषारण्य के बीच भी किया जाएगा। इसका श्रेय नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू को देते हुए सीएम ने उन्हें बधाई भी दी।
शहरों का विकास जरूरी : शर्मा
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 35 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। 2014 से अब तक शहरों के विकास पर बहुत काम हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन और मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर करने का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने के लिए शहरों का विकास जरूरी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर शहरों के विकास का काम तेजी से किया जा रहा है।