लखनऊ विश्वविद्यालय में कोरोना के समय बिना परीक्षा प्रमोट करने की पॉलिसी एमएड के विद्यार्थियों की समझ नहीं आ रही है।
दूसरे सेमेस्टर में प्रमोट होने वाले कई विद्यार्थियों को थ्योरी के पेपर में समान 28-28 अंक दे दिए गए हैं। ऐसा किस फॉर्मूले के तहत किया गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
इसे लेकर विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक और कुलपति को ईमेल भेजकर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
कोरोना की वजह से पिछले साल लविवि ने सिर्फ अंतिम वर्ष की परीक्षा ही कराई थी। बाकी विद्यार्थियों को पहले के सेमेस्टर में मिले अंकों के आधार पर नंबर देकर पास कर दिया गया।
एमएड में 100 नंबर के पेपर में 70 अंक थ्योरी तथा 30 नंबर आंतरिक परीक्षा के आधार पर दिए जाते हैं। विवि में कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें पहले सेमेस्टर में थ्योरी में ही 60 फीसदी के आसपास अंक मिले थे।
आंतरिक मूल्यांकन के अंक मिलाकर इनके कुल नंबर इससे भी ज्यादा बन रहे हैं। इन विद्यार्थियों को भी बाकी की तरह प्रमोट किया गया है। जब विद्यार्थियों ने अंकपत्र देखा तो उनके होश उड़ गए।
70 अंक की थ्योरी के पेपर में उन्हें सभी में एक समान 28-28 नंबर दिए गए हैं। एक विद्यार्थी को तो इंटरनल में भी एक तरफ से 28-28 अंक दिए गए हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों ने शिकायत दर्ज कराई है।
गड़बड़ी हुई तो होगा सुधार
प्रवक्ता लविवि, डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। विद्यार्थियों को प्रमोशन निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर ही हुआ है। अगर गड़बड़ी हुई है तो परीक्षण के बाद इसे सही किया जाएगा।