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ट्रस्टियों के जरिए आ सकता है नृत्यगोपाल दास और चंपत राय का नाम

Sat, 08 Feb 2020 04:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

  • अयोध्या में संतों के विरोध से सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी
  • श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाएगा अपना न्यासी बोर्ड
  • एक साथ ट्रस्ट में शामिल होंगे नृत्यगोपालदास व चंपत राय
  • अब संत-धर्माचार्यों को ट्रस्ट की पहली बैठक का इंतजार
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महंत नृत्यगोपाल दास से भेंट करते विमलेंद्र मोहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राममंदिर आंदोलन के शीर्ष संतों व विहिप नेताओं की उपेक्षा से छाया असंतोष दूर करने में सरकार जुट गई है। अब श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों के जरिए महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। ट्रस्ट का यह नया स्वरूप पहली बैठक में ही सामने आ सकता है। 

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इसमें महंत नृत्यगोपाल दास और विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय को खाली पड़े दो पदों पर ट्रस्टी चुना जाएगा, फिर सर्वसम्मति से न्यासी बोर्ड अपना अध्यक्ष तय करेगा। इसका यहां के संत-धर्माचार्य समेत अयोध्यावासियों को वेसब्री से इंतजार है।

गृहमंत्री अमित शाह समेत ट्रस्ट गठन को लेकर बनाए गए अयोध्या डेस्क देख रहे अवर सचिव खेला राम मुर्मू की ओर से यहां नाराज संतों को स्पष्ट संदेश दिए गए हैं कि श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय की उपेक्षा नहीं की गई है। 
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश में छह दिसंबर 1992 को ढहाई गई मस्जिद की घटना को आपराधिक कृत्य ठहराया गया था, इसलिए सरकार की ओर से ट्रस्ट बनाते समय इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट में आरोपित किए गए दोनों व्यक्तियों को न चाहते हुए भी बाहर रखना मजबूरी थी। 

यह बात खुद गृहमंत्री ने बुधवार व बृहस्पतिवार को महंत नृत्यगोपाल दास को समझाया। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा को भी बतौर दूत गृह मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए मणिरामदास की छावनी भेजा। 

तब भी नाराज संतों ने सवाल किया कि जब संविधान में है कि आरोपित होने के बाद भी कोई प्रधानमंत्री बन सकता है, तो नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष क्यों नहीं बनाया गया? यहां तक कहा गया कि इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह आरोपित होने के बाद भी राज्यपाल बनाए गए, तमाम लोग मंत्री समेत संवैधानिक पदों पर आसीन हैं। 

सूत्र बताते हैं कि डैमेज कंट्रोल करने के लिए शीर्षस्तर से महंत नृत्यगोपाल दास को नए ट्रस्ट की कमान सौंपने के लिए नया रास्ता सुझाया गया है। ट्रस्टी व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के परासन ने भी महंत से बात की है। सूत्र बताते हैं कि खुद के परासन ने महंत को अध्यक्ष बनाने की इच्छा जताई। 

परासन ने समझाया कि केंद्र सरकार नए ट्रस्ट में किसी तरह का खलल न उत्पन्न हो, इसके लिए एहतियातन बाबरी मस्जिद ध्वंस मामले के आरोपितों को स्वंय नियुक्त करने से दूर रहा। लेकिन जिन दो आजीवन ट्रस्टी चुनने का अधिकार बायलॉज में नौ ट्रस्टियों को दिया गया है, उनके द्वारा महंत नृत्यगोपाल दास और विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय को सर्वसम्मति से चुना जाना तय है। फिर सभी ट्रस्टी मिलकर अध्यक्ष व प्रबंध ट्रस्टी का गठन करेगें, जिसमें महंत नृत्यगोपाल दास ही अध्यक्ष होंगे। 

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10 दिन बाद प्रयागराज में होगी ट्रस्ट की बैठक: पंकज

विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि जल्द ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष व विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय को महामंत्री बनाया जा सकता है। सीबीआई चार्जशीट से इनके नाम शामिल होने से सरकार ने ट्रस्ट गठन में पूरी सावधानी बरती है। संत समाज गुस्सा नहीं, बल्कि एकजुट है। 

महंत नृत्यगोपाल दास के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए, जो ट्रस्ट में आए हैं, उनकी भी इच्छा है कि नृत्य गोपालदास अध्यक्ष बने। 10 दिन बाद प्रयागराज में ट्रस्ट की बैठक होगी, तब सब साफ हो जाएगा। चंपत राय को शमिल किए बगैर काम नहीं होगा, उनका जीवन मंदिर के लिए समर्पित है। जो ट्रस्ट बना है, उससे विहिप खुद है। रामनवमी से मंदिर का मंगल कार्य प्रारंभ होगा।

मुस्लिम पक्षकार भी नृत्यगोपाल के समर्थन में
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी कहते हैं कि महंत नृत्यगोपाल दास श्रद्धेय हैं। उन्हें नए ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने से मुसलमानों को कोई आपत्ति नहीं होगी। उनके बगैर ट्रस्ट अधूरा है, उनका अध्यक्ष बनना स्वागतयोग्य होगा। 

मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने भी महंत नृत्यगोपाल को अध्यक्ष बनाने की अड़चनों को बेकार ठहराया। कहा कि हम लोगों को कोई आपत्ति नहीं है, ट्रस्ट में महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष बनाना चाहिए था। उनके खिलाफ कोई कोर्ट नहीं जाएगा।
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