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महाघोटाले के दागी प्रदीप शुक्ला पर सरकार फिर मेहरबान

Sat, 04 Jul 2015 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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एनआरएचएम महाघोटाले में जेल जा चुके आईएएस अधिकारी प्रदीप शुक्ला को राज्य सरकार ने शुक्रवार को बहाल कर दिया। शुक्ला को राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) बनाया गया है।
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प्रमुख सचिव नियुक्ति ने प्रदीप शुक्ला की तैनाती की सूचना राजस्व परिषद के मुखिया अनिल कुमार गुप्ता को फोन पर दी। अपने रसूख के कारण सरकार में अच्छी पैठ रखने वाले प्रदीप शुक्ला की जॉइनिंग घर बैठे ही कराई गई।

1981 बैच के आईएएस प्रदीप शुक्ला को मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट ने बीमारी के आधार पर जमानत दे रखी है। प्रदीप शुक्ला पर समाजवादी सरकार शुरू से मेहरबान रही और यह सिलसिला अभी जारी है।
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सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में बंद किया गया तो प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री उनका हालचाल लेने जेल पहुंच गए। सरकार की ओर से उनकी हर सहूलियत का ध्यान रखा जाता रहा। उनकी बहाली करीब तीन साल बाद हुई है।
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सपा सरकार शुरू से रही प्रदीप शुक्ला पर मेहरबान

माया सरकार में सुर्खियां बने एनआरएचएम महाघोटाले के आरोपी प्रदीप शुक्ला पर सपा सरकार शुरु से मेहरबान रही है। घोटाले में गिरफ्तारी और जेल में पहुंच जाने के बाद प्रदीप शुक्ला को सस्पेंड नहीं किया गया था।

मामला हाईकोर्ट पहुंचा, तो मजबूरन निलंबन के आदेश निकालने् पड़े थे। कायदे से किसी भी सरकारी कारिन्दे को 24 घंटे् हिरासत में रहने पर निलंबित करना चाहिए। लेकिन, शुक्ला के लिए सरकार यह अनिवार्यता भूल गई थी।

मेहरबानियां ऐसी...
•सरकार ने प्रदीप शुक्ला की आईएएस पत्नी को दिल्ली में बतौर सहायक रेजीडेंट कमिश्नर के रूप में तैनाती दी
•सीबीआई ने प्रदीप शुक्ला व अन्य आरोपियों को पकड़ने में तो तेजी दिखाई लेकिन 90 दिन में चार्जशीट न दाखिल करने की वजह से जमानत पर छूट गए।
•जमानत मिलने के बाद प्रदीप शुक्ल की तैनाती फिर से राजस्व परिषद में दी गई।
•जेल से छूटते ही राजस्व परिषद में तैनाती को लेकर शोर मचा तो 20 अगस्त 2012 को सरकार ने उन्हें सस्पेंड किया।
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5500 करोड़ के महाघोटाले में भेजे गए जेल

मायावती शासनकाल में हुए करीब 5500 करोड़ रुपये के एनआरएचएम महाघोटाले में प्रदीप शुक्ला के अलावा पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, अनंत कुमार मिश्रा, पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम, पैकफेड के एमडी वीके चौधरी, चीफ  इंजीनियर एमएम त्रिपाठी, इंजीनियर एके श्रीवास्तव, सौरभ जैन सहित कुछ अन्य नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम उजागर हुए थे।

सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। प्रदीप शुक्ल को 11 मई 2012 को सुबह बड़े ही नाटकीय ढंग से लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया और फिर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी। प्रदीप शुक्ल मायावती सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव रहे थे और गिरफ्तारी के समय राजस्व परिषद में सदस्य थे।
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