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Lucknow News: एनपीएस में छोटी बचत से बड़ी सुरक्षा, सबसे भरोसेमंद आर्थिक सुरक्षा का विकल्प

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कार्यशाला में पहुंचे लोग।
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लखनऊ। सरकारी और कॉर्पोरेट वर्ग के साथ अब किसानों को भी आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में कदम बढ़े हैं। इसी उद्देश्य से अमर उजाला बोनस और पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के संयुक्त सहयोग से बुधवार को ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ विषय पर विशेष वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
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वित्तीय विशेषज्ञों ने कहा कि 60 वर्ष पार किसान भी अब आर्थिक चिंता से मुक्त रह सकते हैं, बस उन्हें नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) अपनाने की जरूरत है।

कृष्णानगर स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) आशीष कुमार ने कहा कि एनपीएस केवल निवेश नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर वृद्धावस्था की दिशा में एक आंदोलन है। महज 500 रुपये के नियमित निवेश से लोग अपने बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकते हैं।
एनपीएस कैलकुलेटर के जरिये अधिकारियों ने बताया कि एनपीएस औसतन निवेश के 10 गुना तक पेंशन कॉर्पस बनाने की क्षमता रखता है। खेती-किसानी से जुड़े लोग, जिनकी आय मौसम व बाजार पर निर्भर रहती है, उनके लिए यह योजना जीवनभर की स्थायी आय का मजबूत साधन साबित हो सकती है।
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विशेषज्ञों ने दूरदराज से आए किसानों को समझाया कि छोटी-छोटी रकम के नियमित निवेश से वे वृद्धावस्था में हर महीने सम्मानजनक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान किसानों के सवाल भी लिए गए और उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। इस मौके पर नाबार्ड के डीजीएम सिद्धार्थ सरकार, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) मनीष पाठक, बैंक ऑफ बड़ौदा की डीजीएम एवं एसएलबीसी संयोजक निधि कुमार, ओपन एग्री नेटवर्क ‘समउन्नति’ के अधिकारी निहिल चावला भी मौजूद रहे।
आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
एनपीएस किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समउन्नति अपने 6500 से अधिक एफपीओ और 80 लाख किसानों के नेटवर्क को इस योजना की जानकारी दे रही है। कार्यक्रम में एलडीएम मनीष पाठक और बैंक ऑफ बड़ौदा की डीजीएम ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

- निहिल चावला, समउन्नति के अधिकारी
आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच
वृद्धावस्था में आय का मुख्य सहारा पेंशन होती है। खेती के जोखिम मौसम, कीट, बाजार भाव और बढ़ती लागत किसानों की आमदनी को अस्थिर करते हैं। ऐसे में एनपीएस जीवनभर नियमित पेंशन देने वाला सुरक्षित ढांचा है, जो भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाता है और वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करता है।
- आशीष कुमार, सीजीएम, पीएफआरडीए
कम उम्र में निवेश, ज्यादा पेंशन का फायदा
जो किसान युवा अवस्था में एनपीएस से जुड़ते हैं, उन्हें चक्रवृद्धि ब्याज का सबसे बड़ा लाभ मिलता है। छोटी-छोटी मासिक बचत भी 20-30 वर्षों में एक मजबूत रिटायरमेंट फंड में बदल जाती है। किसानों की अनियमित आय के बावजूद एनपीएस लचीला है, कभी भी, किसी भी राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है।
- देवेश मित्तल, डीजीएम, पीएफआरडीए
परिवार पर निर्भरता कम करने का सबसे प्रभावी तरीका
अक्सर किसान अपनी वृद्धावस्था में बच्चों या रिश्तेदारों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन बदलते सामाजिक ढांचे और शहरों की ओर बढ़ते पलायन ने इस व्यवस्था को अस्थिर बना दिया है। एनपीएस किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है, जिससे वे जीवन के अंतिम वर्षों में आत्मनिर्भर रह सकें। मासिक पेंशन मिलने से परिवार पर बोझ कम होता है और सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित होता है।
- चेतन सिंघल, एजीएम, पीएफआरडीए
संकट के समय जरूरतें हो सकती हैं पूरी
कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा जोखिम मौसम ही है। बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अनियमित मानसून कई बार छह महीने की मेहनत एक झटके में खत्म कर देती है। एनपीएस इन जोखिमों को भले ही रोक नहीं सकता, लेकिन आजीवन मिलने वाली पेंशन से किसानों को आर्थिक स्थिरता देता है। कठिन समय में भी पेंशन किसान को परिवार की जरूरतें पूरी करने की ताकत देती है।
- सिद्धार्थ शंकर, डीजीएम, नाबार्ड
आज के परिवेश में एनपीएस बेहद जरूरी
गांवों में भविष्य की आर्थिक योजना पर कम चर्चा होती थी, लेकिन एनपीएस ने इस संवाद की शुरुआत कर दी है। परिवार अब पेंशन, बचत और आर्थिक सुरक्षा जैसे विषयों पर खुलकर बात कर रहे हैं। यह बदलाव महिलाओं, युवाओं और पूरे परिवार को वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त बना रहा है। बढ़ती उम्र और लंबी आयु के चलते रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित मासिक आय का होना बेहद आवश्यक है।
- निधि कुमार, डीजीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, संयोजक–एसएलबीसी
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किसान बोले- Iकिसानों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली सबसे भरोसेमंद साथी है। II- अंबुज द्विवेदीI
Iएनपीएस वाकई फायदेमंद है। निश्चित कृषि आय के बीच यह जीवनभर की स्थिर आय को मजबूत आधार देती है।I
I- ज्ञानचंद तिवारीI
Iएनपीएस फायदे की स्कीम है। इसमें छोटी-छोटी बचत भी मिलकर बड़े पेंशन कोष में बदल जाती है।I
I- धनंजय सिंहI
Iआज के समय में किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा सबसे जरूरी आवश्यकता है, जिसे एनपीएस पूरी कर सकती है।I
I- अभिषेक चौहानI
Iमौसम बदल सकता है, फसल बदल सकती है, लेकिन एनपीएस की पेंशन हमेशा साथ रहती है।I
I- आयुष अग्निहोत्रीI
Iहर किसान परिवार को एनपीएस के जरिये बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा मिलना चाहिए।I
I- रुद्र नारायण मौर्याI
Iएनपीएस किसानों के लिए नियमित आय की सबसे सरल और सुरक्षित व्यवस्था है।I
I- रणजीत रावI
Iग्रामीण वृद्धावस्था को सम्मानजनक और सुरक्षित बनाने में एनपीएस अहम भूमिका निभा रही है।I
I- रवींद्र कुमार वर्माI
Iखेती की आय पर निर्भर रहने से बेहतर है कि किसान एनपीएस से एक भरोसेमंद पेंशन स्रोत बनाएं।I
I- धीरेंद्र कुमार सिंहI
Iएनपीएस अनुशासित निवेश की आदत विकसित कर भविष्य को सुरक्षित बनाती है। किसानों को यह जरूर अपनानी चाहिए।I
I- दीपक तिवारीI
Iरोज की थोड़ी सी बचत भी किसान को बुढ़ापे में बड़ी पेंशन दे सकती है, यह एनपीएस से संभव है।I
I- छाया कुमारीI
Iएनपीएस के बारे में सुना जरूर था, लेकिन असली फायदों के बारे में अब पता चला। यह योजना जरूर अपनानी चाहिए।I
I- कैसर जहांI
एनपीएस के बारे में
एनपीएस यानी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट प्लान है, जिसमें निवेशक हर महीने या हर साल छोटी-छोटी रकम जमा कर सकते हैं। इस योजना में महज 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है। यह योजना बिल्कुल वैसी ही है जैसे किसान रोज अपने खेत में बीज बोता है और धीरे-धीरे फसल तैयार होती है। इसी तरह, एनपीएस में किया गया छोटा निवेश आने वाले वक्त में बड़ी धनराशि और नियमित पेंशन में बदल जाता है।
एनपीएस के फायदे
- एनपीएस बाजार आधारित रिटर्न देती है
- इसमें अनुशासित तरीके से निवेश होता है
- लंबे समय के चक्रवृद्धि ब्याज से रकम तेजी से बढ़ती है
- रिटायरमेंट पर रकम का बड़ा हिस्सा मिलता है
- रिटायरमेंट के बाद जीवनभर पेंशन मिलती है
इसलिए जरूरी है एनपीएस
- बुढ़ापे में स्थायी और जीवन भर आय मिलती है
- पेंशन पाने का सबसे आसान तरीका है
- सरकार की निगरानी में सुरक्षित है
- कर छूट मिलती है, जिससे बचत बढ़ती है
- छोटी रकम से भी शुरुआत की जा सकती है
- बढ़ती उम्र में आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है
- आर्थिक झटकों बचाकर जीवन को स्थिर बनाती है
ऐसे करें शुरुआत
एनपीएस में निवेश शुरू करना बेहद आसान है। इसके लिए सिर्फ पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाता संख्या की जरूरत होती है। इस योजना में निवेश शुरू करने के दो तरीके हैं। पहला किसी भी बैक में जाकर एनपीएस का खाता खुलवा सकते हैं और दूसरा समउन्नति से जुड़कर खाता खोल सकते हैं।

कार्यशाला में पहुंचे लोग।

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