फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में दर्ज कराएं अपना नाम

Thu, 12 Dec 2013 02:08 AM IST
प्रवेंद्र गुप्ता/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) में नाम दर्ज करने की शुरुआत बुधवार को हजरतगंज वार्ड से हो गई। हालांकि वार्ड में बने तीनों केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन


गिनती के लोग ही नाम दर्ज कराने पहुंचे तो दो केंद्रों पर एनपीआर का काम देख रही कंपनी की टीम भी देर से पहुंची। गौरतलब है कि एनपीआर में नाम दर्ज कराना सभी के लिए आवश्यक है।

इसी से आधार कार्ड बनेंगे। एनपीआर में नाम दर्ज कराने के दौरान लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए मोहल्लेवार काम शुरू किया गया है।

किस केंद्र पर कहां के लोग आएंगे, यह भी तय है। हजरतगंज वार्ड में नगर निगम मुख्यालय, लक्ष्मण मेला मैदान और विशुन नरायन स्कूल को केंद्र बनाया गया है।

निगम मुख्यालय में तिलक मार्ग, भोपाल हाउस, नवल किशोर रोड, हलवासिया, महात्मा गांधी मार्ग, वाल्मीकि मार्ग, कैपर रोड के लोग नाम दर्ज कराएंगे।

विशुन नरायन स्कूल में राणा प्रताप मार्ग, ला प्लास, सप्रू मार्ग, अशोक मार्ग, लारेंस टेरेस इलाके के लोगों के लिए केंद्र बना है।

जबकि लक्ष्मण मेला मैदान के केंद्र पर सिकंदर नगर बस्ती, नया इमामबाड़ा क्षेत्र के निवासियों के नाम दर्ज होंगे।

इन मोहल्लों में रहने वाले 13 दिसंबर तक नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद इसी वार्ड के अन्य मोहल्लों में रहने वालों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए 14 से 16 दिसंबर तक की तारीख तय की गई है।
विज्ञापन


इसके लिए इलाकों का चयन किया जा रहा है। उधर, पहले दिन बुधवार को लक्ष्मण मेला मैदान और विशुन नरायन केंद्र पर एनपीआर की टीम करीब दो घंटे देर से पहुंची।

नगर निगम मुख्यालय में भी टीम करीब आधा घंटा देर से पहुंची। टीम को सुबह दस बजे पहुंचना था।

एनपीआर से ही बनेगा आधार
आधार कार्ड के लिए अब अलग से कैंप नहीं लगेंगे। एनपीआर में नाम दर्ज कराने वालों के ही आधार कार्ड बनेंगे। हालांकि आधार कार्ड बनवा चुके लोगों को भी नाम दर्ज कराना होगा।

फर्क केवल इतना होगा कि उनके बायोमैट्रिक निशान नहीं लिए जाएंगे। इसके लिए लोगों को आधार कार्ड लेकर केंद्र पर जाना होगा।

जनगणना के दौरान मिली पर्ची लेकर जाएं
राजधानी में एनपीआर योजना के प्रभारी दशरथ सिंह (उप निदेशक जनगणना निदेशालय) के अनुसार एनपीआर में परिवार की अनुसूची भरने का कार्य 16 मई 2010 से 30 जून 2010 तक किया गया था।

प्रगणकों ने उस समय सभी परिवारों को पावर्ती पर्ची दी थी। एनपीआर कैंप में इस पर्ची को लाना अनिवार्य है। यदि पर्ची नहीं है तो मौके पर भरी जाएगी। ऐसे मामलों में बायोमैट्रिक चिह्न लेने का काम दूसरे चरण में होगा।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें