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केजीएमयू में सिक अटेंडेंट करेंगे अब मरीजों की देखभाल

Mon, 09 Jun 2014 03:29 AM IST
अमित यादव /अमर उजाला, लखनऊ
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के सिक अटेंडेंट्स (रोगी सहायकों) को अब अपना मूल कार्य करना होगा।
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कुलपति प्रो. रविकांत ने सभी रोगी सहायकों को वार्डों से लेकर ओपीडी में तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

भर्ती मरीजों को वार्ड में असहाय पड़ा देखने के बाद ये फैसला लिया गया है।

सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वो सभी रोगी सहायकों को मरीजों की सेवा में लगाएं।

केजीएमयू में तैनात कर्मचारियों को अपने नियुक्ति के हिसाब से ही कार्य करना होगा।

कुलपति प्रो. रविकांत ने चिकित्सा सेवाएं सुधारने की कवायद के तहत अब इसी दिशा में कार्य करना शुरू किया है।

ओपीडी में जनसंपर्क अधिकारी और मेडिकल सोशल वर्कर को मरीजों से जुड़ी सेवाओं में लगाने के आदेश भी उन्होंने दिए थे।

इसके अलावा सुबह ओपीडी और एमबीबीएस की कक्षाओं का औचक निरीक्षण भी वो कई बार कर चुके हैं।

हाल ही में उन्होंने रोगी सहायकों को मरीजों की सेवा में लगाने का आदेश जारी किया है।

सूत्रों का कहना है कि इससे जुड़ा आदेश रजिस्ट्रार योगेश कुमार ने जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि कई संवर्गों के कर्मचारी अपना मूल कार्य छोड़कर अन्य जगह ड्यूटी दे रहे हैं। इसका पता चलने के बाद कुलपति ने ये कार्रवाई की है।

हालांकि कुलपति के आवास और कार्यालय में भी ऐसे ही कर्मचारी लगे हैं। सूत्रों की मानें तो कुलपति कार्यालय में उमेश नाम का एक रोगी सहायक और कुली मनोज कार्य कर रहा है।

लैब अटेंडेंट इंद्रपाल कुलपति कार्यालय और एक लैब अटेंडेंट उनके आवास पर तैनात है।

जबकि रजिस्ट्रार ऑफिस में टेलीफोन ऑपरेटर से बाबू का कार्य लिया जा रहा है। एक एसी टेक्नीशियन प्रॉक्टर ऑफिस में बड़े बाबू का कार्य कर रहे हैं।

एक संविदा कर्मचारी लंबे समय से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बड़े पद पर काबिज है।
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