फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: अब पांच साल पुरानी इमारतों का होगा सेफ्टी ऑडिट

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
लखनऊ। एक साल पहले अलाया अपार्टमेंट ढहने के बाद एलडीए ने पूरे शहर की बहुमंजिला इमारतों के सेफ्टी ऑडिट का निर्णय लिया था। इसका प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में पास किया था, लेकिन कुछ नहीं किया। अब ट्रांसपोर्टनगर में इमारत ढहने के बाद एक बार फिर बदलाव के साथ प्रस्ताव को शुक्रवार को होने वाली बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। पहले 25 साल पुरानी बिल्डिंग का सेफ्टी ऑडिट कराने की बात कही गई थी, लेकिन नए प्रस्ताव में ट्रांसपोर्टनगर हादसे को देखते हुए पांच साल पुरानी बिल्डिंगों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही आईटी और वेलनेस सिटी के संशोधित प्रस्ताव और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की आवंटित संपत्तियों के नामांतरण से संबंधित प्रस्ताव भी बोर्ड में लाया जाएगा।

बीते साल 25 जनवरी 2023 को वजीर हसन रोड पर पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट ढह गया था। इसमें दो महिलाओं की जान गई थी। 12 फ्लैट और एक पेंट हाउस वाले अपार्टमेंट के ढहने की कारणों की जांच हुई तो पता चला कि इसका निर्माण बहुत घटिया था। इसी वजह से जब भूतल पर बिल्डर ने एक अतिरिक्त निर्माण के लिए ड्रिलिंग मशीन से फर्श व एक पिलर के हिस्से को तोड़ा तो बेस को नुकसान पहुंंचा और अपार्टमेंट ढह गया। उस समय मंडलायुक्त रोशन जैकब ने सभी अपार्टमेंट और कॉमर्शियल बिल्डिंगों का सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश एलडीए को दिया था। इसके बाद एलडीए बोर्ड में प्रस्ताव पास कर मंजूरी के लिए शासन भेजा गया था, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब बीते शनिवार को ट्रांसपोर्टनगर में तीन मंजिला इमारत ढहने से आठ लोगों की मौत के बाद इमारतों के सेफ्टी ऑडिट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद अब एलडीए फिर प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में ला रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये प्रस्ताव भी आएंगे

- विद्युत सब स्टेशन के लिए गोमतीनगर के विशेष खंड में 764 वर्गमीटर और विनम्र खंड में 1654 वर्गमीटर जमीन देंगे।

- डाॅ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विवि में बनाए गए डाॅ. भीमराव अंबेडकर सभागार का संचालन ठेके पर देंगे।

- शहीद पथ, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर के दोनों ओर 500 मीटर दायरे में शुल्क लेकर ऊंची व्यावसायिक इमारतों के निर्माण की अनुमति।

- मानचित्र पास कराने के दौरान वर्षा जल संचयन और पौधरोपण के लिए एफडीआर के जरिए जमा कराई जाने वाली धनराशि के बजाय उसे मानचित्र शुल्क के साथ ही नकद जमा कराने का प्रस्ताव। इससे मानचित्र पास करने में कम समय लगेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें