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Lucknow News: सफाई पर अब दोगुने से अधिक हो रहा खर्च, व्यवस्था फिर बदहाल

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अलीगंज में फैला कचरा।
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लखनऊ। शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के नाम पर नगर निगम करीब एक साल से दोगुना से अधिक पैसा खर्च कर रहा है, लेकिन शहरवासियों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। इन दिनों संचारी रोग अभियान के तहत नगर निगम के अफसर शहर में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, इस दौरान हर जगह गंदगी और कूड़े के ढेर मिल रहा है, जिस कारण निजी कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
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करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम ने हैदराबाद की रामकी कंपनी लखनऊ स्वच्छता अभियान को 110 में से 77 वार्डों की सफाई का जिम्मा दिया था। टेंडर के मुताबिक, कंपनी को सड़क-नाली की सफाई, घर-घर से गीले-सूखे कूड़े का अलग-अलग संग्रह, ट्रांसफर स्टेशन व एमआरएफ सेंटर का संचालन और पड़ाव घरों से शिवरी प्लांट तक कूड़ा पहुंचाने का काम करना है।
इसके लिए निगम 3,031 रुपये प्रति मीट्रिक टन भुगतान कर रहा है। शिवरी प्लांट पर निस्तारण पर 940 रुपये और खर्च हो रहे हैं। यानी कुल करीब 4,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन। जबकि पहले चीनी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी यही काम 1,604 रुपये में कर रही थी।
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जिम्मेदारी निभाने में फेल
भाजपा पार्षद प्रमोद सिंह राजन का कहना है कि निजी कंपनी रामकी अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने में नाकाम है। सड़कों पर कूड़ा दोपहर तक सड़ता रहता है। कंपनी अनुबंध की शर्तें तोड़कर ठेके पर काम करवा रही है, जिससे बिना मेहनत के फायदा उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सदन में भी उठाया जा चुका है और सबूत पेश किए गए हैं।
पेड़ों की छंटाई का है कूड़ा, फेंकने की जगह नहीं
Iनिरीक्षण में जो कूड़ा मिल रहा है और जिस पर जुर्माना लग रहा है, वह पेड़ों की छंटाई में निकलने वाला कूड़ा है। इस समय बिजली विभाग सहित अन्य लोग पेड़ों की छंटाई कर रहे हैं, मगर उसका निस्तारण नहीं कर रहे हैं। यह कूड़ा पहले शिवरी प्लांट जाता था, मगर डेढ़ महीने से नहीं जा रहा है। ऐसे में वह पड़ा रहता है और बाद में लोग उस पर कूड़ा डाल देते हैं।I
I- अभय रंजन, प्रोजेक्ट हेड, लखनऊ स्वच्छता अभियानI

निरीक्षण में गंदगी, कंपनी पर जुर्माना
अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने गुरुवार को घंटाघर से दुबग्गा रोड, बुद्धेश्वर, मोहान रोड और तिकोनिया चौराहा पारा तक निरीक्षण किया। सड़क किनारे घास उगी थी, डिवाइडर गंदे थे, जगह-जगह कूड़ा फैला था और सफाई कर्मचारी नदारद थे। रोड स्वीपिंग मशीन भी कई दिनों से नहीं चली थी। नाराज होकर उन्होंने तुरंत सफाई शुरू कराई। कंपनी लायंस एनवायरो पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसी तरह बुधवार को अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने मुंशीपुलिया और इंदिरानगर सेक्टर 8, 12 और 13 का निरीक्षण किया। यहां भी गंदगी और चोक नालियां मिलीं। लापरवाही पर रामकी कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया।
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