करीब 60 करोड़ रुपये सब्सिडी के तहत दिए जा चुके हैं। इसी क्रम में अब पॉलिसी में बदलाव किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि 14 अक्तूबर से यह नया नियम लागू हो सकता है। चूंकि वर्ष 2022 में उपरोक्त तारीख से ही पॉलिसी लागू की गई थी, जिसके तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं।
यह होगा फायदा
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में बनने वाले ईवी पर सब्सिडी देने से रोजगार सृजित होंगे। बड़ी-बड़ी कंपनियों को बिक्री बढ़ाने के लिए यूपी में यूनिटें लगानी होंगी। इससे रोजगार के साथ राजस्व की भी वृद्धि होगी। इससे प्रदेश की आर्थिक उन्नति होगी।
टैक्स व पंजीकरण में पूरी छूट
अधिकारियों ने बताया कि 14 अक्तूबर, 2022 को ईवी पॉलिसी प्रदेश में लागू की गई थी। इसके तहत तीन साल तक ईवी खरीद पर शतप्रतिशत टैक्स व पंजीकरण में छूट दी जा रही है। इतना ही नहीं जिन्होंने टैक्स व पंजीकरण शुल्क भर दिया है, उन्हें रिफंड भी किया गया।
इतनी मिलती है सब्सिडी
- 5000 रुपये प्रति दो पहिया ईवी को
- 100000 रुपये प्रति चार पहिया ईवी को
- 2000000 रुपये प्रति ई बस को
- 100000 रुपये प्रति ई-गुड्स कैरियर को
- 17665 वाहनों को मिली 60 करोड़ रुपये सब्सिडी