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युवतियों को छेड़खानी से बचाएगा ये इमरजेंसी बटन?

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युवतियों को छेड़खानी से बचाने के लिए प्रदेश सरकार बसों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) व इमरजेंसी बटन लगवाने जा रही है।
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शहरों में ऑटो रिक्शा में जीपीएस व इमरजेंसी बटन लगवाए जाएंगे। निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनेंगे। ऑटो रिक्शा सहित अन्य सार्वजनिक वाहन इससे जुड़े रहेंगे।

इसके साथ ही ऑटो रिक्शा में जीपीआरएस सिस्टम युक्त फेयर मीटर भी लगाए जाएंगे। परिवहन विभाग इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में बदलाव करने जा रहा है।
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इसके लिए बुधवार को कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी के बाद जीपीएस व इमरजेंसी बटन लगाने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।

दरअसल, शहरों में सार्वजनिक वाहनों में छेड़खानी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कई बार बसों व ऑटो रिक्शा में लूटपाट व छेड़खानी की वारदात हो जाती हैं।

इस तरह काम करेगा इमरजेंसी बटन

यदि ऑटो रिक्शा में सवार युवती को कोई गड़बड़ी लगती है तो वह इमरजेंसी बटन दबा देगी। बटन दबते ही इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। वहां तैनात कर्मी जीपीएस के जरिये ऑटो रिक्शा की लोकेशन पता कर इसकी सूचना उस इलाके की पुलिस टीम को देगा। इसके कुछ ही मिनटों में युवती के पास मदद पहुंच जाएगी।

इसके अलावा प्रदेश सरकार 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा का बेड़ा बढ़ाने जा रही है। इसमें 500 एंबुलेंस और जोड़ी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग बुधवार को कैबिनेट के समक्ष 500 वाहन बढ़ाने का प्रस्ताव ला रहा है। इन वाहनों के जुड़ने से मरीजों को काफी फायदा होगा।

सरकार 108 एंबुलेंस सेवा की सफलता से उत्साहित है। ज्यादातर सभी जिलों में इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। कई जगह अब ये एंबुलेंस कम पड़ने लगी हैं। इसलिए प्रदेश सरकार ने इसमें 500 नई गाड़ियां जोड़ने का फैसला लिया है।

खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस खरीदने के निर्देश दिए थे। इसके लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया था। अब इन वाहनों को बेड़े में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जा रहा है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद यह वाहन संचालित हो जाएंगे।
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कुछ और बड़े फैसले

सरकार ने कुछ और बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों में खाद्य तेलों में होने वाली टैक्स चोरी और कोक के लिए एंट्री फीस लिए जाने की बात है।

टैक्स चोरी रोकने को नई व्यवस्था

राज्य सरकार प्रदेश में खाद्य तेलों पर होने वाले टैक्स चोरी को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। प्रदेश में अभी खाद्य तेल लाने व ले जाने के लिए फार्म 21 (परिवहन मेमो) अनिवार्य नहीं है। वाणिज्य कर विभाग चाहता है कि नौ टन से अधिक खाद्य तेल लाने व ले जाने के लिए फार्म 21 अनिवार्य कर दिया जाए। इसे टैक्स चोरी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दिलाने की तैयारी है।

कोयले के साथ कोक पर भी दो फीसदी एंट्री टैक्स

प्रदेश में गैर राज्यों से लाए जाने वाले कोयले के साथ कोक पर भी दो फीसदी एंट्री टैक्स लिए जाने की तैयारी है। अभी कोयले पर ही यह टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन कोयला बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले कोक पर नहीं लिया जा रहा। कोक पर दो फीसदी एंट्री टैक्स से सरकार को सालाना 25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।

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