संघ क्या खुद को लेकर मुसलमानों के मन में पल रहे नजरिये को बदलना चाहता है। शायद ऐसा होने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उलमा के सहारे मुसलमानों की गलतफहमी दूर करने का बीड़ा उठाया है।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच शनिवार को यहां उलमा कॉन्फ्रेंस कर रहा है। इसमें प्रस्ताव पारित कर देश को दंगा, दहशत और आतंकवाद से मुक्त करने का आह्वान किया जाएगा।
वैसे तो संघ जब-तब यह सफाई देता है कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच उसका आनुषांगिक संगठन नहीं है, पर जिस तरह इस सम्मेलन को लेकर संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार व महिरध्वज सिंह जैसे लोग सक्रिय हैं, उससे रिश्तों का गणित समझा जा सकता है।
मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल के अनुसार सम्मेलन के लिए मौलाना कल्बे सादिक, मौलाना कल्बे जव्वाद, मौलाना हबीबुल हसन और शहर काजी इरफान मियां सहित देश भर के प्रमुख उलमा को न्योता भेजा गया है।
अफजाल ने शुक्रवार को यहां सम्मेलन के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी। सवालों के जवाब में उन्होंने न सिर्फ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की पीठ थपथपाई बल्कि संघ को भी बेहतर सामाजिक संगठन बताया।