यात्री टिकट सुविधा केंद्रों पर रेलवे टिकट बनवाने वाले पैसेंजरों को रेलवे बोर्ड ने विशेष राहत दी है। अब टिकट काउंटर पंद्रह मिनट पहले खोले जाएंगे। इससे तत्काल से लेकर जनरल टिकट तक बनवाने वालों को आराम हो जाएगा। इसके अलावा, सुविधा केंद्र संचालकों को भी छूट दी गई है।
पैसेंजरों को लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने मिशन फाइव मिनट शुरू किया था। इसके तहत रेलवे स्टेशनों पर आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) लगाई गई थीं। साथ ही, यात्री टिकट सुविधा केंद्रों (वाईटीएसके) को उन्नत बनाने की बात भी कही गई थी।
इसी क्रम में रेलवे बोर्ड ने सुविधा केंद्रों को अपग्रेड करने का खाका तैयार कर लिया है। पहले ये केंद्र सुबह 8.30 बजे से लेकर रात 10 बजे तक और इतवार को सुबह 8.30 से रात आठ बजे तक खुलते थे, लेकिन इनका समय बदल दिया गया है।
अब सुबह सवा आठ बजे ही केंद्र खोल दिए जाएंगे। पहले इन केंद्रों पर तत्काल टिकटों की बुकिंग सुबह साढ़े दस बजे से शुरू होती थी, जो अब सवा दस बजे से शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं, केंद्रों को संचालित करने वालों को भी राहत दी जाएगी। मसलन, टर्मिनल एक्सेस चार्ज पहले 1.60 लाख रुपये प्रतिवर्ष देना पड़ता था।
अब यह राशि तीन साल में एक बार देनी होगी। इसी तरह, सिक्योरिटी मनी पहले दो लाख रुपये प्रति पोर्ट देनी पड़ती थी, जो अब एक लाख रुपये हो गई है। जबकि, पंजीकरण के लिए पहले पांच लाख रुपये देने पड़ते थे, जो नॉन रिफंडेबल होते थे, लेकिन अब यह रकम दो लाख कर दी गई है।