लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में नए सत्र 2019-20 की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। विवि प्रशासन इसकी कवायद को अंतिम रूप दे रहा है। इस क्रम में इस बार विवि प्रशासन प्रवेश आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन करने की तैयारी में है। वहीं दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन भरवाने के लिए विवि में ही एक हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी।
विवि में अभी तक ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से प्रवेश आवेदन लिए जाते थे। मगर ऑफलाइन आवेदन करने में भी विद्यार्थियों को दिक्कत होती थी, वहीं इसकी हार्ड कॉपी आदि जमा करने में दिव्यांग विद्यार्थियों को समस्या होती थी। कई बार बाहर के विद्यार्थी ठीक से आवेदन भी नहीं कर पाते थे। इस बार विवि प्रशासन प्रवेश आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करने की कवायद कर रहा है। इसके लिए बैंकों से संपर्क किया जा रहा है। विवि द्वारा गठित प्रवेश समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए यह कवायद हो रही है। ऑनलाइन माध्यम से आवेदन और शुल्क जमा करने की सुविधा के बाद विद्यार्थियों को भटकना नहीं पड़ेगा। दिव्यांग विद्यार्थी अपने डाक्यूमेंट के साथ विवि स्थित केंद्र पर उपस्थित होंगे और उनके आवेदन करवा दिए जाएंगे। विवि प्रशासन होली के बाद प्रवेश आवेदन जारी करने की तैयारी में है।
पीएचडी प्रवेश पर अब भी संशय
विवि में सत्र 2018-19 में पीएचडी प्रवेश को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति है। एक तरफ सत्र समाप्त होने को है और नए सत्र में यूजी-पीजी प्रवेश आवेदन के लिए कवायद भी शुरू हो गई है, लेकिन पीएचडी अध्यादेश अभी कार्य परिषद व सामान्य परिषद से अप्रूव नहीं हो पाया है। एकेडमिक काउंसिल से मुहर लगने के बाद अभी इसे लेकर ऊहापोह बरकरार है। ऐसे में पीएचडी का यह सत्र शून्य होता दिख रहा है।
एंटी रैगिंग कमेटी का गठन, विद्यार्थी भी सदस्य
विवि प्रशासन ने नया सत्र शुरू होने से पहले ही पुरानी एंटी रैगिंग कमेटी की जगह नई कमेटी का गठन किया है। कुलसचिव अमित कुमार सिंह द्वारा जारी सूचना के अनुसार कुलानुशासक इसके समन्वयक होंगे। वहीं डीन लॉ प्रो. शेफाली यादव इसमें शैक्षिक सदस्य, डीन कला संकाय प्रो. डीएन सिंह, डीन कंप्यूटर साइंस एंड आईटी प्रो. आरके श्रीवास्तव इसके सदस्य होंगे। साथ ही दया शंकर सिंह अभिभावक सदस्य, शोध छात्रा शिवानी अग्रवाल, शोध छात्र सत्य प्रकाश तिवारी, डीआर डॉ. एके सिंह व पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगा कि विद्यार्थियों को भी एंटी रैगिंग कमेटी का सदस्य बनाया गया है।