लखनऊ। अब कोई भी व्यक्ति लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के दो भूखंड खरीद सकेगा। अभी तक एक व्यक्ति को केवल एक भूखंड आवंटित करने का नियम था। एलडीए इस नियम में बदलाव करने जा रहा है। इसका प्रस्ताव दो नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। नए नियम में ढील से उन खरीदारों को फायदा होगा जो एलडीए से दो भूखंड खरीदना चाहते हैं।
वर्तमान में एक व्यक्ति, एक भूखंड के नियम के चलते लोग एलडीए की बजाय प्राधिकरण के आवंटी से रिसेल में दूसरा भूखंड खरीद लेते हैं। यदि बोर्ड की मंजूरी के बाद नियम बदला तो दो भूखंड खरीदने के इच्छुक लोगों को आवंटियों से रिसेल में खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एलडीए की इस समय दो आवासीय योजनाओं नैमिष और वरुण विहार में पंजीकरण हुआ है। आईटी सिटी और वेलनेस सिटी में भी पंजीकरण शुरू होना है। बोर्ड की मंजूरी के बाद लोग किसी एक योजना या अलग-अलग योजना में दो भूखंड खरीद सकेंगे।
दो भूखंड रखने पर हुई थी परेशानी
पहले दो भूखंड रखने पर लोगों को एक भूखंड सरेंडर करना पड़ा था। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में एलडीए में एक नेता ने अपना भूखंड सरेंडर किया था। साल 2001 में उन्हें और उनकी पत्नी को लॉटरी से भूखंड आवंटित हुए थे। एक विरोधी की शिकायत के बाद नेताजी उपभोक्ता फोरम तक गए पर उन्हें राहत नहीं मिली। इसी तरह आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में भी एक नेता ने भूखंड सरेंडर किया था। अब प्रस्ताव पास होने के बाद सीधे दो भूखंड लेने वालों को कानूनी रूप से कोई परेशानी नहीं होगी।
एलडीए में अब तक नियम है कि कोई व्यक्ति एक भूखंड और स्ववित्त पोषित योजना का एक फ्लैट ले सकता था। इसी तरह वह प्रदेश में विकास प्राधिकरण और आवास विकास के दो भूखंड ले सकता था। एलडीए ने लोगों को राहत देने के लिए अब दो भूखंड देने का प्रस्ताव बनाया है।
प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए
दुकानों की कीमत नहीं बढ़ेगी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि गोमती नगर सहित कई योजनाओं में प्राधिकरण की कुछ दुकानें हैं। इन दुकानों की मांग कम है या वे नीलामी में बिक नहीं रही हैं। ऐसी दुकानों की कीमत फिलहाल नहीं बढ़ाई जाएगी। पहले नीलामी में आरक्षित दर से अधिक बोली लगने के बाद भी खरीदार नहीं आते थे। इसके चलते अगली बोली में आरक्षित कीमत बढ़ानी पड़ती थी। आरक्षित दर इस वित्तीय वर्ष में स्थिर रहेगी।