तहसील दिवसों में समस्याओं की सुनवाई और उसके निस्तारण में कई जिलों में
सुस्ती सामने आने के बाद राजस्व विभाग ने अब मुस्तैदी दिखाई है।
विभाग ने एक-एक तहसील के कामकाज की जमीनी हकीकत की
थाह लेने के लिए शासन व राजस्व परिषद के अधिकारियों की मंडलवार जिम्मेदारी
तय कर दी है।
हर अधिकारी को महीने में कम से कम एक तहसील का अनिवार्य रूप
से निरीक्षण करना होगा। वे तहसीलों के भ्रमण में किन बातों पर गौर
फरमाएंगे, इस बात को शामिल करते हुए शासनादेश जारी कर दिया गया है।
पिछले
दिनों मुख्यमंत्री की समीक्षा में कई तहसीलों में तहसील दिवसों के कार्यों
में ठीक से रुचि न लेने की बात सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने कई अधिकारियों
के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था।
इधर, राजस्व मंत्री शिवपाल यादव
ने विभाग का कार्यभार संभालने के बाद तहसीलों की स्थिति में सुधार और
राजस्व विभाग को आम जनता के द्वार पहुंचाकर विभाग की छवि में बदलाव का
निर्देश दिया था।
अब प्रमुख सचिव राजस्व के साथ सचिव व विशेष सचिव स्तर के
अधिकारी तहसीलों का निरीक्षण करने जाएंगे। राजस्व परिषद में आयुक्त एवं
सचिव से लेकर सहायक भूमि व्यवस्था आयुक्त तक को निरीक्षण की जिम्मेदारी
सौंपी गई है।
अधिकारियों को अपने मंडल की सभी तहसीलों तक पहुंचकर रिपोर्ट
देनी है।
अधिकारी तहसीलों के निरीक्षण में वहां की कार्यप्रणाली की विस्तृत
जांच-पड़ताल के साथ ही फरियादियों से मेल-मुलाकात व कर्मचारियों से बात कर
रिपोर्ट तैयार करेंगे। यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो
उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसकी रिपोर्ट कार्रवाई के साथ सीधे राजस्व
मंत्री के सामने रखी जाएगी।