लखनऊ। शासन की फटकार के बाद केजीएमयू प्रशासन ने ट्रॉमा में स्ट्रेचर की कमी नहीं होने देने का दावा किया है। इस संबंध में सीएमएस ने सभी विभागाध्यक्षों को आदेश भी जारी कर दिया है। इसके मुताबिक एक से दूसरे विभाग में मरीज को ले जाने के लिए ट्रॉमा के स्ट्रेचर का इस्तेमाल नहीं होगा। एक कर्मचारी इस बात की निगरानी करेगा कि ट्रॉमा के बाहर पर्याप्त स्ट्रेचर हैं या नहीं।
ट्रॉमा सेंटर में स्ट्रेचर नहीं मिलने की वजह से मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तीमारदार मरीज को गोद में लेकर जाने को विवश होते हैं। छह जून को स्ट्रेचर नहीं मिलने की वजह से फैजुल्लागंज निवासी जाहिद केशव को उसके परिवारीजन गोद में लेकर गए थे। यह घटना सामने आने के बाद शासन सचिव ने केजीएमयू प्रशासन को फटकार लगाई थी। ऐसे में सोमवार को सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि विभाग से जांच कराने अथवा अन्य विभागों में मरीज भेजने के लिए ट्रॉमा के स्ट्रेचर का प्रयोग न किया जाए। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके पास पांच-पांच स्ट्रेचर उपलब्ध रहें। ट्रॉमा के बाहर 10 स्ट्रेचर रहेंगे। इनकी निगरानी एक कर्मचारी करेगा। स्ट्रेचर की संख्या पांच से कम होने पर तत्काल स्ट्रेचर की व्यवस्था की जाएगी।