अब ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के कायाकल्प की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। प्रदेश सरकार ने मिशन कायाकल्प के तहत मार्च 2022 तक स्कूलों में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।
विभाग को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायतों की तरफ से इस वर्ष प्रदेश के सभी जिलों में 3354 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, 13,538 स्कूलों में चारदीवारी, 2142 स्कूलों में गेट और 27832 स्कूलों में शौचालय बनाए गए हैं।
इसी तरह 16,659 स्कूलों में पेयजल सुविधा, 27,697 स्कूलों में इंटर लॉकिंग, 4027 स्कूलों में हाथ धोने की व्यवस्था और 502 स्कूलों में विद्युतीकरण कार्य कराया गया है। पंचायतीराज विभाग से स्कूलों में 99199 कार्य कराए गए हैं।
इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि स्कूलों में ब्लैक बोर्ड, हैंडवाश, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाओं की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों को स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं और निर्माण पंचायत से कराने के निर्देश दिए हैं।
चौंकाने वाली मिल रही रिपोर्ट
विभाग के अधिकारी ने बताया कि स्कूलों से मिली रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य हैं। अभी सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जहां ब्लैक बोर्ड ही नहीं हैं। हजारों स्कूलों में हैंडवाश की सुविधा और बिजली नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन लागू होने के पांच वर्ष के बाद भी स्कूलों में शौचालय नहीं है। चंद स्कूलों में ही गेट और चारदीवारी है। हजारों स्कूलों में वर्षों से रंगरोगन नहीं हुआ है।
इन जिलों में हुआ सबसे कम काम
जिला कार्य
उन्नाव 22
बलिया 55
कानपुर देहात 66
महाराजगंज 107
चित्रकूट 123
जौनपुर 125
बस्ती 180
देवरिया 213
सिद्धार्थनगर 275
संतकबीर नगर 275
इन जिलों में हुआ सर्वाधिक कार्य
जिला कार्य
कौशांबी 4531
आगरा 4410
बाराबंकी 3984
हरदोई 3615
प्रयागराज 3496
मथुरा 3340
बरेली 3220
बुलंदशहर 3039
मेरठ 2859
कानपुर नगर 2809