प्रदेश सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दिए जाने वाले विज्ञान गौरव पुरस्कार की धनराशि पांच गुना बढ़ा दी है।
इस पुरस्कार के तहत अब पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
शुक्रवार को अखिलेश यादव की कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी।
विज्ञान के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले वैज्ञानिक, शिक्षक व छात्रों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर साल पुरस्कृत करता है।
यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश में जन्में या फिर पिछले 10 वर्षों से प्रदेश में कार्यरत लोगों को ही दिया जाता है। इनमें सबसे अहम पुरस्कार विज्ञान गौरव होता है।
इसके तहत एक वैज्ञानिक का चयन होता है। इन्हें अभी तक एक लाख रुपये व प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इसी पुरस्कार को पहले दो गुना करने प्रस्ताव भेजा गया था।
शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में जैसे ही यह प्रस्ताव आया तो इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दो गुना के बजाय पांच गुना पुरस्कार राशि बढ़ाने की बात कही। इस पर पूरी कैबिनेट तैयार हो गई।
अब विज्ञान गौरव पुरस्कार के लिए चयनित वैज्ञानिकों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। यह पुरस्कार राशि अगले वर्ष से दी जाएगी।
इसके अलावा कैबिनेट ने विज्ञान रत्न व यंग साइंटिस्ट जैसे पुरस्कारों की भी धनराशि बढ़ाने पर सहमति जता दी है। पुरस्कार राशि बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है।