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Lucknow News: अब स्कूलों की चौखट पर पहुंचेगी इंजीनियरिंग की लैब

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एसआर ग्लोबल स्कूल में ‘लैब ऑन व्हील’ में छात्र-छात्राओं को दी गई तकनीकी जानकारी। स्रोत ः स्कूल
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लखनऊ। क्लासरूम से निकलकर अब लैब सीधे स्कूल के आंगन में पहुंचेगी। न ब्लैकबोर्ड, न बोरिंग लेक्चर... बल्कि थ्रीडी प्रिंटर, सेंसर, रोबोट और ऑटोमेशन से लैस एक चलता-फिरता विज्ञान संसार। इसे नाम दिया गया है... ‘लैब ऑन व्हील’, जो एकेटीयू और इंफोसिस के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। इस बसनुमा लैब में वह सब है जो आम तौर पर केवल इंजीनियरिंग कॉलेजों में दिखता है... लेकिन अब इंटर कॉलेज के छात्र भी रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोमेशन को हाथों से समझ पाएंगे।
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जहां स्टूडेंट बनेंगे ''क्रिएटर'', न कि सिर्फ ''रटने वाले'' बस जहां जाती है, वहां के छात्रों को मिलता है दो घंटे का लाइव तकनीकी प्रशिक्षण... वो भी एकदम प्रैक्टिकल स्टाइल में। कोई किताब नहीं, सीधे सिखाई जाती है ट्रैफिक लाइट की प्रोग्रामिंग, सेंसर की टेस्टिंग और मशीनों की ऑटोमेशन तकनीक। इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. अनुज कुमार शर्मा के मुताबिक, बच्चों को अब सिर्फ टेक्नोलॉजी देखने की नहीं, उसे छूकर महसूस करने की आजादी मिल रही है। यही असली लर्निंग है। प्रशिक्षक के साथ चल रही यह बस अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त है। पहले चरण में राजधानी के स्कूल व कॉलेजों में यह बस जा रही है। आगे इसे और विस्तार दिया जाएगा।

मेकर्स लैब: जहां आइडिया से बनेंगे इनोवेशन एकेटीयू कैंपस में ‘मेकर्स लैब’ भी बनकर तैयार है, जिसका उद्घाटन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हाल ही में किया था यहां छात्र अपने आइडिया को प्रोजेक्ट में बदल सकेंगे। जल्द ही इस लैब में भी प्रशिक्षक तैनात कर प्रशिक्षण की शुरुआत की जाएगी। यहां पर बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय व लखनऊ के कॉलेजों के छात्र यहां पर भौतिक रूप से प्रशिक्षण लेंगे। वहीं अन्य जिलों के कॉलेजों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देने की भी व्यवस्था होगी।
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युवाओं को इंजीनियरिंग की तरफ करेंगे आकर्षित

डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत हम स्कूल-कॉलेजों के छात्रों को नई तकनीकी की जानकारी देकर उनका इस तरफ रुझान बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्हें इसके ट्रेंड की जानकारी मिलेगी तो वह इंजीनियरिंग में पढ़ाई के लिए प्रवेश लेंगे। हम आधुनिक तकनीकी में रुचि बढ़ाने के लिए विज्ञान वर्ग के छात्रों पर विशेष फोकस कर रहे हैं। इस लैब में प्रशिक्षण के लिए स्प्रिंग बोर्ड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी कराया जाता है।

किसी ने रोबोट में तो किसी ने ड्रोन में दिखाई दिलचस्पी
- एसआर ग्लोबल की छात्रा अनन्या यादव ने कहा कि लैब ऑन व्हील-मोबाइल लैब के जरिये पहली बार थ्री-डी प्रिंटिंग प्रकिया को समझा। सी-प्लस प्लस और जावा लैंग्वेज के अलावा कोडिंग की भी जानकारी ली। यह मोबाइल लैब, काॅलेज लैब से कहीं बेहतर है।

- छात्रा मधु प्रजापति ने कहा कि लैब ऑन व्हील-मोबाइल लैब के जरिये पहली बार रोबोट और ड्रोन बनाने व उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जाना। थ्री-डी प्रिंटिंग को समझा। मोबाइल एप की कोडिंग और इसे बनाने के तरीके को समझने की कोशिश की।
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